तलाश एक सच्चे प्यार की

दोस्तों,

मेरा नाम माया है, उम्र ३६ साल है और मैने अभी तक शादी नहीं की है | मै पहले कुछ बनाना चाहती थी और फिर, शादी-वादी करना चाहती थी | लेकिन, जिन्दगी की भाग-दौड़ मैने काफी कुछ पीछे छोड़ दिया था | जिसका अहसास मुझे अब होता है | ख़ैर, जो गया, वो तो गया | मैने आगे बढने के लिए काफी समझोते किये है | कई बार, तरक्की के लिए बॉस के साथ सोना पड़ा और कुछ बड़े लोगो के साथ; अपना काम करवाने के लिए | इससे मेरा काम भी हो जाता था और मेरी ठरक भी मिट जाती थी | लेकिन, अब मुझे एक प्यार कि तलाश थी | मै शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन एक आदमी की कमी अपनी जिन्दगी मे महसूस करती थी |मेरी तलाश हमेशा जारी थी | लेकिन, मेरी तलाश को उस दिन विराम लगा; जिस दिन एक बंदा मेरे साथ काम करने के लिए इंटरवीऊ को आया | वो, ३० साल का, आम सा दिखने वाला इंसान था, रमेश नाम था उसका | बहुत ही हंसमुख था | जिस मुस्कराहट के साथ वो मेरे रूम मे आया; मेरे चेहरे पे भी मुस्कराहट आ गयी | मैने उसको पूछा, क्यों मुस्कुरा रहे हो|

उसने बोला, अगर रोनी सूरत बनाकर आऊंगा, तो आप नौकरी दे देंगी | उसके जवाब मे. मै तो खिलखिला कर हँस पड़ी | मैने उसको नौकरी दे दी | वो एक शादीशुदा जिन्दा दिल इंसान था और काम के प्रति समर्पित | सब लोगो के जाने के बाद भी काम करता रहता था |एक बार मुझे उसके साथ कही बाहर जाना पड़ा | २-३ दिन का प्रोग्राम था | हम दोनों एक ही होटल मे थे और रूम भी पास-पास ही थे | काम जल्दी नहीं हुआ, तो हमें १-२ दिन और रुकना पड़ा और बीच मे छुट्टी वाला दिन भी था | बातो-बातो मे वो मुझे से मेरी पसंद निकलवा चुका था | उस दिन, मै उठी भी नहीं थी और दरवाजे पर दस्तक हुई | मै अपनी रात की ड्रेस मे थी, और एसे ही दरवाजा खोल दिया | देखा तो रमेश बाहर खड़ा था | एक दम तैयार होको; और दिनों की अपेक्षा वो अलग लग रहा था | मुझे देखकर वो वापस जाने लगा; मैने उसे रोका और बेठने को कहा | जब तक मे बाहर तैयार होकर ई, वो मेरी पसंद का सारा खाना माँगा चुका था | उसकी इस आदत पर, मै फ़िदा हो चुकी थी | लेकिन, मै उसकी बॉस थी; तो, मुझे अपनी मर्यादा पता थी | नाश्ते के साथ-साथ उसने मुझे सारे दिन का प्रोग्राम बताया | वो, साड़ी घुमने के जगह पता कर आया था और सब कुछ कर चुका था |

मुझे तो सिर्फ बेठ कर जाना था | नाश्ते के बाद वो बाहर चला गया और मै तैयार होकर नीचे गयी; तो, वो मुझे मुह खोले देखता रह गया | उसने मेरी कान मे आकर कहा, आज आप बहुँत खुबसूरत लगा रही है | मैने उसे टेड़ी नज़र से देखा, तो वो घुट निगलकर रहा गया और उसने मुझे सॉरी बोला | लीकें, मैने हँसते हुए बोला, सिर्फ खुबसूरत ? वो, मेरा इशारा समझ गया और वो फट से मेरे कान पास आकर, तुम बहुत सेक्सी लग रही हूँ | फिर, हम दोनों कार मे बेठ कर निकल पड़े | आज मैने उसको अपने साथ पीछे की सीट पर बिठा लिया | हम लोगो न काफी जगह घूमी, काफी बाते की, एक दुसरे के बारे मे जाना और शाम तक, हम दोनों पुरे खुल चुके थे | शाम को खाने का इंतजाम मैने किया था | एक अच्छे से खाने के बाद, मैने म्यूजिक चालू कर दिया और रमेश ने मुझे डांस के आज्ञा मांगी | इसी बात का तो मे इंतज़ार कर रही थी | मैने उसके साथ डांस शुरू किया और बोला आज की रात मै तुम्हरी बॉस नहीं हु | रमेश बोला, मै तो तुमको पहले दिन से चाहता हु | और ये काम तो पहले दिन ही हो गया था; सिर्फ इस दिन का इंतज़ार था | रमेश ने मुझे रात भर, जी भर कर चोदा और अपनी और मेरी प्यास बुझाई | मुझे ख़ुशी थी,कि मेरी तलाश खत्म हो चुकी थी |