स्ट्रेंजर भाभी की चुत चुदाई

बात 2 महीने पहले की है, मेरी कहानी पढके एक कहानी रीडर ने मुझे मेल किया वो लड़के के नाम से आईडी था, लेकिन उसने कहा की मैं एक असंतुष्ट हूँ और मुझे आपके साथ सेक्स करना है उसने अपना नाम अमीषा बताया वो मुंबई में रहने वाली थी.

हमने कुछ दिन सेक्स चाट किया फिर उसने अपना फेसबुक अकाउंट आईडी दिया जिस पर हमने बहुत बाते की मैंने उससे नंबर माँगा तो वो बोली की पापा ने सारे इन्कमिंग आउटगोइंग कॉल बंद करवा कर रखे है.

फिर उसके घर वाले 2 सप्ताह दिल्ली गए उसने मुझे अपने घर अचानक आने को बोल दिया मैंने उसके कॉल किया और जाने से इनकार कर दिया तो उसने इमोशनली मुझे मन लिया. फिर मेरी ट्रेन बुकिंग नहीं थी.

तो मुझे एक सुपर फ़ास्ट में जनरल केटेगरी में जाना पड़ा मैं शाम के 5 बजे बरोडा से निकला रात को 11.30 बजे मुंबई के वसाई रोड स्टेशन से उतरके उसे दिए गए एड्रेस पर पहुँचते हुए मुझे रात के 1 बज गए, मेरी उससे चाट पर बात चालू थी मैं भूखा था तो उसने मीठी मीठी बाते करके फसाती रही की पनीर की सब्जी बनायीं है.. आदि आदि..

जब मैंने रात को 1 बजे उसके घर पहुँच गया तो उसने दरवाजा ही नहीं खोला उसने अपने बॉय फ्रेंड के साथ मिलकर मेरे साथ मजाक किया. उसने सब झूठ बोला था.

उसके बॉयफ्रेंड ने दरवाजा खोला वो अन्दर ही थी लेकिन वो बाहर ही नहीं आई और उन लोगो ने किसी और का घर कह कर दरवाजा बंद कर दिया.

मुझे उस पर बहुत गुस्सा आया फिर रात को वहां सब बस बंद हो गयी थी मैंने प्राइवेट ऑटो करके मीरा रोड स्टेशन आया उधर से लास्ट लोकल में वापस वसाई रोड स्टेशन पर आया सुबह ट्रेन थी.

पूरी रात मुझे स्टेशन पर बितानी थी, भूखे मैं अपनी ईमानदारी को कोस रहा था स्टेशन पर बैठे बैठे. आप ही बताइए दोस्तों क्या हम किसी पर भरोसा कर के गलत करते है? लेकिन वो कहते है न दोस्तों जो भी होता है अच्छे के लिए होता है. असली कहानी अब शुरू होती है दोस्तों..

जब मैं इसी बातो में सोच में डूबा हुआ था की मुझे मेरे से थोड़े दूर बेंच पर एक लेडी अकेली बैठी दिखी.

मैंने उसे थोड़ी देर देखा फिर मुझे प्यास भी बहुत लगी थी, सब स्टाल बंद हो चुकी थी सो मैं उसकी और गया और पिने के लिए पानी माँगा तो उसने दिया.

फिर मैंने उससे पूछा की आपको कहा जाना है तो वो बोली गुजरात, मैं बोला मुझे भी बरोडा जाना है सुबह ट्रेन है.

वो बोली हाँ मुझे भी सूरत जाना है मेरी ट्रेन थोड़ी देर पहले मिस हो गयी. इसलिए अब हम दोनों को रात स्टेशन पर काटनी थी.

मैंने बातो बातो में उसकी सारी जानकारी पूछ ली. उसका नाम कल्पना (बदला हुआ नाम) था उसकी उम्र 36 साल थी दो बच्चे थे, उसका पति सूरत में कोई टेक्सटाइल का बिज़नस करता था, अब उसके बारे में सुनिए जो आप सब रियल में सुनना चाहते हो.

वो एकदम गोरी चिट्टी थी उसने साड़ी पहनी थी जिसमे से उसके बूब्स की क्लीवेज साफ़ दिख रही थी और अगर वो जोर से साँस ले तो उसका ब्लाउज फट के दोनों बूब्स बाहर आ जाये ऐसा था. उसके बाल बहुत लम्बे थे उसकी गांड तक आते थे.

उसका फिगर 38-34-36 होगा, अब मैं वो घटना भूल कर इस पर केन्द्रित करने लगा धीरे धीरे बातो बातो में मैंने ये जान लिया की उसका पति बिज़नस की वजह से बाहर रहता है.

फिर मैंने उनसे पूछा की आप ओपन माइंडेड महिला है तो एक बात बोलू..

वो बोली – क्यों नहीं, हाँ मैं एक खुले विचारो की महिला हूँ.

तो फिर मैंने अपने मोबाइल से देसी कहानी की साईट खोली और मेरी रेशमा वाली कहानी उनको पढने को दी.

वो ये देख के मेरी और घुर कर देखने लगी.

तो मैंने बोला आपने बोला की आप ओपन माइंडेड हो इसलिए.

तो वो स्माइल दे कर बोली तुम ये सब करते हो ये यकीन नहीं होता.

फिर वो स्टोरी पढने लगी, पुरे प्लेटफोर्म पर हम दोनों थे दुसरे प्लेटफार्म पर सब कुछ लोग सोये हुए थे.

धीरे धीरे मैं उसकी और खिसक गया और मैं भी पढ़ रहा हूँ ऐसे एक्टिंग करने लगा वो थोड़ी स्टोरी पढके ही गरम हो गयी थी, उसकी सांसे तेज़ चलने लगी, मैं समझ गया और धीरे से एक हाथ उसकी जांघ पर रख दिया वो कुछ नहीं बोली और कहानी पढ़ रही थी अब मैं अपना हाथ उसकी साडी के अन्दर से उसके पेट पर ले गया और सहलाने लगा वो फुल मूड में आ गयी थी.

मुझे पता चल गया तो मैंने उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके फुटबॉल जैसे बूब्स पकड़ लिए, अगर कोई देखे तो किसी को पता न चले ऐसे साड़ी के पीछे खेल चल रहा था.

उसने मेरे ‘लिफ्ट देने पर मिला चुदाई का मजा’ के 4 पार्ट्स पढ़ लिए फटाफट उसको ये पता ही नहीं चला की कब मैंने अपना हाथ उसके ब्लाउज में डाल दिया और बूब्स मसलने लगा.

वो बोली एक बात बोलू.

मैं बोला एक क्या जितनी चाहे उतनी बोलो, पूरी रात इधर ही निकाल नी है..

तो वो बोली – मेरी चुत पूरी गीली हो चुकी है तुम्हारी कहानी पढ़कर इतना सारा पानी निकल गया है तो तुम मुझे चोद के कितना निकालोगे मैं भी असंतुष्ट हूँ प्लीज मुझे संतुष्ट कर दो.

ये सुनकर मेरी तो किस्मत खुल गयी ऐसा लगा मेरा उधर जाना व्यर्थ नहीं हुआ.

मैं बोला – लाओ डिअर, जरा मैं भी तो देखू कितनी गीली हुई है तुम्हारी चुत..

ऐसा कह कर मैंने आस पास देख कर उसकी साड़ी और पेटीकोट घुटने तक उठाकर अन्दर हाथ दाल दिया तो उसकी माँ का पूरी पेंटी गीली थी मैं तो उसे हटा के चुत पर हाथ फिराने लगा.

वो बोली इधर नहीं कोई आ जायेगा..

मैं बोला – इसे निकल दो ना जानू, ठण्ड लग जाएगी मेरी चुत रानी को.

वो बोली – अच्छा बच्चू ये तेरी कब से हो गयी??

मैं बोला – मैंने हाथ लगाया तब से, चीज़ को मैं हाथ लगाऊ वो मेरी..

तो वो हसने लगी और मैंने उसकी गीली पेंटी निकल के उसको दे दी उसने एक पोलीथिन में रखके बैग में रख दी.

मैं फिर से साड़ी के अन्दर हाथ डाल के बूब्स मसलने लगा वो बोली नहीं रहा जा रहा है. फिर मैंने इधर उधर देखा तो प्लेटफार्म के आखिर में कुछ रूम जैसा था, उसके पीछे पूरा अँधेरा था.

मैंने उसे बोला चलो..

वो बोली कहा?

मैं बोला चलो तो सही..

हम लोग उस साइड जाने लगे प्लेटफार्म में बहुत लोग सो रहे थे हम धीरे से वो रूम के पास गए वो लॉक था लेकिन उसकी साइड में थोड़ी जगह थी और उतनी जगह छोड़ के एक वाला थी मानी गेलरी जैसा था और पूरा अँधेरा कुछ नहीं दिख रहा था.

मैंने उसे बोला – चलो अन्दर चलते है..

वो बोली – नहीं बाबा मुझे डर लगता है कितना अँधेरा है.

मैं बोला – मैं हूँ ना चलो.

वो जैसे ही अँधेरे में आई मैंने उसे बाहों में ले लिया और किस्सिंग करने लगा उसके हाथ में से बैग छुट गयी और मैं जोरो से किस करने लगा.

वो भी मदहोश हो गयी और पागलो की तरह मेरे बाल में हाथ घुमाना कर किस्सिंग का डबल जोरो से रिप्लाई देने लगी. मैंने उसे दिवार से लगा दिया और उसे गले और गालो पर किस करने लगा उसकी साड़ी का पल्लू गिरा दिया और ब्लाउज में मुह डालने लगा.

वो मुझे अपने बूब्स में दबा रही थी, मैं उसकी चुत को साड़ी के ऊपर से दबाने लगा और उसकी चेस्ट को चाटने लगा. वो पूरी गरम हो गयी थी उसे मेरी टी-शर्ट निकल दी और मेरी बॉडी को किस्सिंग करने लगी.

मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोल दिया और ब्रा में हाथ डाल कर उसमे मम्मे दबाने लगा वो पागल हो गयी.

अब मैंने उसकी ब्रा को मम्मो से ऊपर कर दिया और चूसने चाटने लगा उसने मेरे मुह पूरा उसके बूब्स में दबा दिया मैंने तो उसके बूब्स काट लिए वो बोली और काटो मजा आ रहा है.

मैंने 15-20 मिनट तक उसके बूब्स चुसे और मुझे चुसवाती थी. अब वो निचे बेठ गयी और मेरा जीन्स खोल डाला और अंडरवियर निचे करते ही मेरा टाइट लंड उसके मुह पे लगा.

इतना अँधेरा था फिर भी वो बोली – इतना लम्बा है तुम्हारा माय गॉड आज तो पूरी रात चुदवाउंगी मेरे राजा..

और मुह में लेकर जोरो से चूसने लगी पूरा उसके मुह में जा भी नहीं रहा था उसने चूस चाट कर पूरा अपने थूक से गिला कर दिया.

10 मिनट तक चूसा फिर मेरा निकल ने वाला था तो मैंने उसे बोला तो वो हिला हिला कर और जोरो से चूसने लगी और करीब 5 मिनट तक चूसने पर मैंने अपना सारा माल उसके मुह में डाल दिया.

वो पूरा निगल गयी और मेरे मुह में उसके बूब्स दे दिए और लंड को सहलाने लगी, मैं चूसने लगा 5 मिनट में फिर से मेरा टाइट होने लगा.

तो वो फिर से निचे बैठ कर चूसने लगी जब मेरा पूरा लंड टाइट हो गया तो वो कड़ी हो गयी और अपनी साड़ी और पेटीकोट को पूरा ऊपर करके बोली..

आओ मेरे राजा तुम्हारी चुत रानी तुम्हारे लिए बेसब्र है कबसे.. मिटा दो इसकी प्यास चोद डालो फाड़ डालो मेरी चुत को..

ये सुन कर मैंने उसे दीवार में ही दबा दिया और किस करने लगा उसकी जीभ अपने मुह में लेकर चूसने लगा उसने मेरा लंड पकड़ अपने चुत के होल पर सेट कर दिया और अन्दर लेने लगी लेकिन नहीं जा रहा था मैं तो किस में इतना मदहोश था की वो मुझे पता ही नहीं था.

फिर उसने बोला अन्दर डालो ना, मैं मरी जा रही हूँ, फिर मैंने थोडा धक्का मारा तो मेरा लंड का टॉप अन्दर चला गया और उसकी हलकी सी चीख निकल गयी.

मैंने सुअक मुह बंद कर दिया फिर धीरे धीरे करके पूरा लंड उसकी चुत में डाल दिया तो वो छटपटाने लगी की निकालो निकालो बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने उसका मुह पकड़ा और धीरे धीरे किस में उसे चोदना चालू कर दिया, अब वो भी हिल हिल कर खड़ी खड़ी चुदवा रही थी, फिर मैंने उसके बूब्स मसलने चालू कर दिए और खड़े खड़े शॉट मारने लगा.

करीब 15-20 मिनट तक ऐसे चोदा फिर उसे घुमा के झुका दिया और उसकी गांड को दबाने लगा, मसलने लगा. फिर मैं उसको पीछे से चिपक गया अपना लंड उसकी गांड को में डाल दिया और उसके झूलते हुए बूब्स हाथ में लेकर दबाते हुए उसकी गांड मारने लगा.

वो भी मजे से गांड मरवा रही थी.

अगले 10 मिनट तक मैंने उसकी गांड मरी और उसकी गांड में ही अपना पानी छोड़ दिया अब तक तार के 3.30 बज चुके थे.

और मैं दोपहर से उस धोखेबाज की वजह से भूखा था तो अब मेरा भी मन नहीं था और करने का फिर हमने कपडे सेट किये और वेटिंग रूम में आकर फ्रेश होकर थोड़ी देर आराम कर लिया.

सुबह 6 बजे हमारी ट्रेन थी हमारी बुकिंग नहीं थी तो जनरल में ही जाना था वहां भीड़ इतनी थी की सब उसके बूब्स दबाके जा रहे थे वो मेरी और घूम गयी उसके बूब्स मुझसे चिपके हुए, ऐसे हम बाते करते हुए गुजरात आये.

वो 10 बजे सूरत उतर गयी हमने नंबर एक्सचेंज किया और फिर से मिलने का बोलके चली गयी.