रात को हुई खट-खट फिर चूत फटी फट-फट

लेखक – मोहित

सभी पाठकों को मेरा नमस्कार…

मेरा नाम मोहित है.

मेरी उम्र 19 वर्ष है, हाईट 5.7, रंग समान्य, जिम में जाने से शरीर भरा हुआ है, मैं थोड़ा शर्मीला हूँ..

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

मैं एक छोटे से शहर का रहने वाला हूँ.. यह मेरी पहली कहानी है, आशा करता हूँ आप सबको पसन्द आएगी..

यह बात, दो साल पहले की है.

दसवी के पेपर हो चुके थे, स्कूल की छुट्टीयां चल रही थी तो में मेरे मामा जी के पास चला गया.

मैं मेरी मामी से खुल कर बात करता था.

उनके घर एक लडकी आती थी.

जब मैंने मामी से उसके बारे में पूछा तो पता चला उसका नाम पूजा था, उसकी उम्र अठारह वर्ष थी..

उसका रंग दूध की तरह सफेद था मुझे तो वो अम्बर से उतर कर आयी, कोई अप्सरा लग रही थी.

लाल होंठ और उसकी छोटी – छोटी आंखे कहर ढा रही थी.

उसका फिगर 34 28 36 था.

जब वो गांड मटका कर चलती थी मेरे लिये तो समय वही रुक जाता था, वो उनके पड़ोस में ही रहती है.. पूजा मेरी मामी को चाची कहती थी..

उसे पहली बार देखते ही, मुझे उससे प्यार हो गया.

मैंने उसके बारे में मामी के साथ बात की.

मेरे मामा के घर में दो कमरे सामने है, साथ में ही रसोइ है, एक कमरे में अटैच स्टोर रूम है, आगे की तरफ बाथरूम है..

अगले दिन वो जब घर पर आयी तो मामी ने ही उससे बात की उसके जाने के बाद मुझे पता चला की वो भी मुझसे प्यार करती है.

फिर, मैं पूजा से बाते करने लगा.

हम सुबह और शाम को टहलने जाने लगे.. तीन चार दिन बाद, मेरे मामा किसी जरूरी काम से हिसार चले गये..

अब पर मैं और मेरी मामी रह गये.

मामी, पूजा को बुलाने उसके घर चली जाती है. रात को मामी खाना बना रही थी.

मैं टीवी देख रहा था.. थोड़ी देर बाद, वहाँ पूजा आ गई..

हम दोनों टीवी देखने लगे, वो टीवी में कम और मेरी तरफ ज्यादा देख रही थी.

मामी खाना लेकर आ गई..

हमने खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे..

मामी और पूजा, एक कमरे मे सो गये और में दुसरे कमरे मे सो गया.

रात को करीब दस और ग्यारह बजे के बीच में कोई दरवाजा खटखटाने लगा..

मेरी आँख खुल गई, मैंने देखा तो बाहर पूजा खड़ी थी, मैं उसे देखता ही रह गया..

मैं अंदर चला गया.

उसने दरवाजा बंद किया और वो भी अंदर आ गई.

वो मेरे पास आकर बेठ गई.. वो मुझसे बोली – मोहित, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ…

मैंने कहा – मैं भी… और मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिये और उन्हें संतरे की तरह चूसने लगा..

मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसकी चूची दबाने लगा वो आह… आह… सी… सी… करके सिसकारियाँ लेने लगी.

मैं जोर – जोर से उसकी चुचे दबाने लगा उसे दर्द हो रहा था.

वो बोली – धीरे दबाओ… मैं क्या कही भाग के जा रही हूँ… मेरा लंड खड़ा हो गया था…

मैंने उसके कपड़े उतार दिए और उसने मेरे.

अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी.

मैं सिर्फ अंडरवियर में था.

जब उसने अंडरवियर निकाला तो मेरा आठ इंच लम्बा काला लंड देख कर वो डर गई..

हम दोनों बिलकुल नंगे थे.

मैं उसे किस कर रहा था वो भी मेरा साथ दे रही थी.

फिर मैं उसकी चूत चूसने लगा मुझे उसकी चूत चूसने मे जन्नत का आंनंद मिल रहा था.

वो मेरे सिर पर हाथ रख कर मेरे सिर को चूत पर दबाने लगी और थोड़ी ही देर मे उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया जिससे मेरा सारा मूँह भिग गया.

मैंने लंड उसके मुँह की तरफ किया तो वो चूसने से इंकार करने लगी.

थोड़ी रिक्वेस्ट करने पर वो मान गई और लंड को मुँह में लेकर अन्दर बाहर करने लगी.

उस आनंद को लफ्जो में बयां नही कर सकता.

मैं उसके बूब्स दबाने लगा और वो मेरा लंड चूसने लगी.

थोड़ी देर बाद, वो कहने लगी – अब और मत तड़पाओ राजा… अब अंदर डाल दो…

मैंने उसकी चूत पर लंड रखा और रगड़ने लगा.

वो बोली – अब बर्दाश्त नही होता, जल्दी करो अंदर डाल दो…

मैंने धक्का लगाया तो लंड फिसल गया, उसकी चूत बहुत टाइट थी.

मैंने थोडा थूक लगाया और लंड उसकी चूत पर रख दिया और उसके होंठों पर मैंने होंठ रख दिए और जोर का धक्का लगया तो लंड का टोपा अंदर चला गया.

उसकी आँखों से पानी आने लगा, वो तडपने लगी..

मैं वही रुक गया और उसके बूब्स दबाने लगा..

दो तीन मिनट बाद, मैंने एक और धक्का लगाया तो आधा लंड अंदर चला गया.

उसकी चूत से खून आने लगा.

वो बोली – बाहर निकालो, बहुत दर्द हो रहा है, मैंने उसको समझाया पहली बार दर्द होता है… फिर मजा आयेगा…

मैं उसके होठों को चूसता रहा और धिरे – धिरे अंदर बाहर करता रहा.

अब उसे भी मजा आने लगा.

वो भी अब गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी..

बीस मिनट बाद, मैं डिस्चार्ज हो गया इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी.

उस रात, मैंने उसे तीन बार चोदा.

उसके बाद जब मैं उससे मिलता हूँ उसकी प्यास जरुर बुझाता हूँ.