मोल से सिनेमा हॉल तक

हेलो दोस्तों,आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार. में अनिश इंदोर(म.प) का रहने वाला हु. यह चुदाई स्टोरी मेरी और एक आंटी की है. जो मुझे एक मोल में मिली थी. बात  करीब ३१ दिसम्बर की नाईट की है. सब लोग अपनी ३१ दिसम्बर के सेलिब्रेशन में चूर थे. मस्ती में मस्त थे….. लेकिन में अकेला था. तो सोचा के में केसे सेलिब्रेट करूंगा, ३१ की नाईट. तो क्यू न चलो जा के मूवी देखता हु… मेने एक मोल में एक मूवी देखने का प्लान बनाया. बस अकेला था. तो ज्यादा मुड भी नही कुछ हो रहा था. तो में मूवी देखने गया. उस समय बाजीराव मस्तानी मुवी आई थी. काफी भीड़ थी. मेने सोचा की शायद मुझे टिकिट नही मिल पायेगी.

लेकिन फिर भी में जैसे तेसे लाइन में लग के, टिकिट लेने के लिए ट्राय कर ने लगा. तभी मेरी नजर एक जबरदस्त सुन्दर और कमसिन आंटी, जो की अराउंड ३५ साल की होगी. वो उनके साथ उनका एक छोटा लड़का, शायद उनका लड़का था. में उन्हें देख रहा था. उन्हों ने रेड कलर की साड़ी पहनी हुई थी. और ब्लैक ब्लाउज. दोस्तों इतनी सुंदर जैसे कोई हुस्न की परी उतर आई हो. गांड भी एकदम मस्त भरी हुई. कमर पतली और दूध तो जैसे फट के बहार आना चाह रहे हो उनके ब्लाउस से…. कसम से……

में देख के एकदम सन रह गया, की खुदा भी क्या चीज बनाता है. कसम से, उसके बाद मेरी और उस आंटी की निगाह करीब ४-५ बार आपस में टकराई. एक बार उसने मुझे देखकर स्माइल दी तो मुझे अजीब लगा. लेकिन थोड़ी देर बाद मेने भी उसे रिप्लाई किया. और वो मेरी तरफ आगे बढने लगी. मुझे मन में डर लगने लगा की, कही आके मुझे थपड मारेगी, और चिल्लाके बोलेगी, की क्या देख रहा था. तो में एकदम सीधा बन के टिकिट विंडो की तरफ देखने लगा.

लेकिन वो मेरे करीब आई, और बोली हाय, मेने भी बोला. और उसने बोला की आप मेरे ओर मेरे बेटे की भी टिकिट ले लेंगे क्या? तो में एकदम से शांत हुआ. और मेने बोला जरुर इसमें तकलीफ करे वाली क्या बात है. इट्स ओके, कुछ देर बाद…. मेरा नंबर आया, और मेने ३ सीट साथ में मिली.

हमे सीट ऐसी मिली की एक तरफ, एक ओल्ड ऐज लेडी और मर्द थे, अराउंड ५५+ एंड बूढी ओरत थी एकदम कार्नर में, फिर वो बुडे अंकल और जो आंटी मेरे साथ थी, वो उस बुढे के साईंड में बैठेगी नही तो बुढे के साइड में उनका लड़का और फिर आंटी और फिर में बेठ गये. अँधेरा था. तो आंटी अँधेरे में सीट एडजस्ट कर रही थी, मुझे दिखाई नही दिया.

तो मेरी तरफ आंटी की गांड थी. मोके का फायदा उठा के उनकी गांड पे लंड दबा दिया. वो कुछ भी नही बोली. मेरी हिमत बढ़ी. मेने फिर से ऐसे किया. वो बोली के आपको कोई प्रॉब्लम तो नही, में यहा बेठू तो, मेने हसके जवाब दिया, अरे नही. आप कैसी बात कर रही है. मूवी स्टार्ट होने से पहले थोड़े एड आ रहे थे. तो मेने उनसे बातो बातो में नाम पूछा, उनका नाम नेहा बताया, और उनकी शादी को १२ साल हो गये थे. उनके हस्बैंड की कोई एस/डब्ल्यू कंपनी है. तो वो वहा बिजी रहते है.

ठीक है, ऐसी वेसी बाते करते-करते मूवी स्टार्ट हो गई. और पुरे थिएटर में अँधेरा हो गया. दोस्तों में ऐसा मोका जाने नही देना चाहता था. तो करीब २०-२५ मिनिट बाद मेने अपना एक शूज निकाला, धीरे से…. और उसके पाव के करीब ले गया. पहले वो कुछ नही बोली, क्योकि उसका ध्यान मूवी में था. लेकीन जब मेरे पाव की ऊँगली उनके पाव की ऊँगली को टच हुई तो उसने पहले पाव पीछे किया, थोडा. लेकिन मेने २५ मिनिट रुक के, फिर मेने टच किया, फिर उसने पाव पीछे किया.

अब मेने सोचा की शायद ये नही मानेगी ऐसे, फिर मेने हाथ की कोहनी से उसके हाथ को टच किया थोडा, थोड़ी देर हाथ ऐसे ही रखा. फिर उन्होंने हाथ हटा लिया.मुझे लगा की वो शायद मेरा हाथ हटा देंगी, वो नही मानी. लेकिन मेरा दिल एक ट्राय और करने को कहा, तो में १० मिनिट बाद वापस से उनके पंजो पे अपना पाव का अंगूठा लगाया,तो में शोकेड रह गया, बदले में उन्हों ने उनके पाव से मेरे पाव को दबा दिया. ताकी में अपना पैर उठा ना सकू, लेकिन मेने पाव निकल लिया, और धीरे से उनके पाव पे मेरा पैर रगड़ने लगा.

फिर उन्हों ने अपना हाथ दबा के मेरा हाथ पे एक चिमटी ली. में बोला क्या हुआ. उसने मुझसे मोबाईल नंबर माँगा. और उसी समय मेने दिया मेरा नंबर और फिर उनसे अपने हाथ ऐसे रखा जैसे मुझे बूब दबाने के लिए बोल रही हो, मेने धीरे से पहले एक ऊँगली आगे बधाई, और साइड में दबाया, वो कुछ नही बोली, मेरी हिमत बढ़ी. और मेने दो फिंगर टच की, वो फिर भी कुछ नही बोली, मेरी हिमत ओर बढ़ी. मेने पुरे हाथ से उनका एक साइड का बूब मेरे हाथ में ले के प्रेस कर दिया, उनके मुह से हल्की सी सिस्कारिया निकली, आआऊच, मेरे कान में धीरे से बोली, धीरे प्लीज, मेने सुना तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नही रहा.

फिर में उसके बूब को एक हाथ से हल्के-हल्के से मसलता था, मुझे पता था, वो गरम हो रही है. उसने अब अपने पैरो से मेरे पंजो को सहलाने लगी, में समज गया की, ये गर्म हो गई है. फिर में धीरे धीरे उसके गोर गोर पेट को भी छूने लगा. वो मस्त होने लगी. मेने उसकी साड़ी थोड़ी उपर कर के उसकी गोरी गोरी झांगो को सहलाने लगा.

अब वो बहुत गरम हो गई. उसने मेरे कान में जो कहा उसे सुनके में एकदम शोकेड हो गया. उसने कहा की प्लीज अगर तुम्हे कोई प्रॉब्लम ना हो तो तुम्हारा लंड निकालो ना ज़िप खोल के,मेरे देर ना करते हुए तुरंत बहार निकाल के शर्ट से ढक लिया. उसने एक हाथ मेरे लंड पर रख के मेरे कान में बोली, बहोत मस्त है, मेने बोला तुम्हारे लिये है. वो बोली कब दोंगे, मेने बोला जब तुम बोलो. वो बोली अभी, मेने एकदम आश्चर्य से देखा, मेने कहा केसे, उसने कहा, वुमन टॉयलेट में आओ, में जा रही हु, उसके जाने के बाद में भी गया.

जैसे ही में लेडिज टॉयलेट में गया. उसने जट से एक कम्पार्टमेंट में मुझे खीच के डोर लॉक कर लिया. और बस पागल हो गई. मेरे लंड को चूसने लगी. मुझसे भी कंट्रोल नही हुआ. मेने उसको खड़ा कर के उसकी चूत को चाटने लगा. उसने बोला प्लीज डाल दो, मेने एक मिनिट देर ना करते हुए, उसकी चूत में लंड डाल दिया. करीब ५-७ मिनिट धके देने के बाद, वो और में साथ में जड गये. उसने बड़े प्यार से मेरे लिप पे किस किया. और बोली की, अब मिलते रहना. तो दोस्तों ये मेरी रियल स्टोरी थी. आप लोगो को केसी लगी.