मोबाइल की दूकान में लड़की को चोदा घोड़ी बना के

हाई दोस्त मेरा नाम नदिम खान है और मैं भोपाल से हूँ. मेरी बॉडी एकदम फिट है और मेरे लोडे का साइज़ 6 इंच का है. आज मैं अपनी पहली कहानि ले के के आया हूँ आप सब के लिए. मैं एक छोटी सी फेमली का मेम्बर हूँ और मोबाइल की शॉप चलाता हु. ये बात आज से एक महिना पहले की है. मैं अपनी शॉप में ही बैठा हुआ एक मोबाइल के अन्दर सोंग डाल रहा था. तभी एक लड़की आई और उसको रिचार्ज करवाना था. मार्केट के अन्दर शॉप होने की वजह से ऑलमोस्ट दस में से नव लोग रिचार्ज वाले ही आते है. उसने भी रिचार्ज करवाया और फिर वो अपने मोबाईल के लिए कवर भी देखने लगी. उस लड़की  की गांड बड़ी ही धांसू थी. वैसे मेरी नियत अपने कस्टमर के ऊपर कम ही खराब होती है. लेकिन इसकी गांड इतनी सेक्सी थी की मेरी नजर बार बार वही पर जा रही थी. सच में हाथ फेरने का मन हो जाए ऐसे कुल्हें थे वो. लेकिन फिर वो चली गई. और दो दिन के बाद वापस से वो आई. मेरा दिल खुश हो गया की आज फिर से उसकी गांड देखने को मिलेगी. मैंने उसे देखे के स्माइल दे के उसे हाई बोला और फिर पूछा की क्या करना है? तो वो अपना आईफोन 6S निकाल के बोली अरे यार ये फोन मेरे हाथ से गिर गया और अब इसकी डिस्प्ले ओन ही नहीं हो रही है मेरे से. मैंने कहा हो तो जाएगा लेकिन इसमें टाइम लगेगा थोडा. उसने कहा ठीक है लेकिन आप प्लीज़ इसे ठीक कर के देना पूरा के पूरा. मैंने कहा हां!

फिर वो जाने लगी और एक मिनिट में वापस पलटी और बोली, क्या आप इसे अभी नहीं कर सकते? मैंने कहा मेडम इसमें कम से कम दो या तिन घंटे तो लगेंगे ही और आज मेरी शॉप पर जो लड़का रिपेरिंग देखता है वो भी नहीं आया! वो बोली आप कर लो रिपेर मैं यही आप की शॉप में वेट कर लेती हूँ आप कहो तो? और उसने मेरे को बोला की मेरा घर यहाँ से थोडा दूर है इसलिए मेरे को आने जाने की जगह यहाँ पर वेट करना स्यूटेबल होगा. मैंने कहा ठीक है. और मैंने अपने एक दोस्त को कॉल किया जो मेरी दूकान का काम भी कर देता है लोड में रहूँ तो. वो बोला मैं आता हूँ कुछ देर में. उसने आ के मोबाइल चेक किया और बोला मैं दो तिन घंटे में कर के दे दूंगा. और उसने पैसे का बोला तो मैंने कहा आप इनसे ही बात कर लो. लड़की  और मेरे दोस्त ने पैसा नक्की किया और फिर वो फोन ले के चला गया. अब मैंने इस लड़की  को चाय की ऑफर की. उसने तो मना कर दिया लेकिन मैंने हम दोनों के लिए चाय मंगवाई लड़के को कॉल कर के,

और फिर चाय आई तो हम चाय पिने लगे. थोड़ी बातें हुई और फिर उसने मेरी शॉप का कार्ड माँगा तो मैंने उसे अपना विजिटिंग कार्ड दे दिया. वो ज्यादा फ्रेंक नहीं थी. अच्छी फेमली से थी तो उस टाइम मैं भी ज्यादा फ्री नहीं हुआ. और उसके साथ बातें करने में टाइम का पता भी नहीं चला. मेरा दोस्त मोबाइल ठीक कर के भी ले आया. और इस बिच हम दोनों में काफी अच्छी बोन्डिंग हो गई थी. उसने मेरे दोस्त को पेमेंट और मेरे को थेंक यु दिया. और वो चली गई. रात में उसका व्हाटसएप्प पर मेसेज आया हाई. मैंने रिप्लाय किया की कौन है? उसने बोला की डीपी देख लो.. मैं समझ गया की ये वही है तो मैंने उसका नाम लिया. और बातें करने लगे. फिर थोड़ी पर्सनल बातें हुई. मैंने उसको पूछा की बॉयफ्रेंड है की नहीं और उसने मेरे को पूछा की तुम्हारी गर्लफ्रेंड है? मैंने कहा है भी और नहीं भी. वैसे इतनी बात करने के बाद मेरे अंदर थोड़ी हिम्मत आ गई थी. उसने बोला क्या मतलब इसका? तो मैंने बोला की गर्लफ्रेंड तो है लेकिन हम कभी मिल नहीं पाते है! वो दिल्ली में रहती है इसलिए कोई गर्लफ्रेंड वाला फिल नहीं होता मेरे को! उसके बाद कुछ देर और हमारी बात हुई. फेमली के बारे में थोड़ी सी. फिर मैंने उस से पूछा आप कहा रहती हो तो उसने बताया इ आनंदनगर के पास में रहती हूँ. वो एरिया मेरी शॉप से थोडा दूर था. मैंने एकदम से बोला अपन दोनों दोस्त है या आप सिर्फ एक शॉपकिपर से बात कर रही हो?

तो उसने बोला अरे हम फ्रेंड स है इसलिए मेसेज किया आप से 3 घंटे बात करने के बाद लगा आप अलग नेचर के हो तो सोचा आप को मेसेज कर के आप से बात करूँ. मैंने उसे थेंक्स बोला. और फिर मैंने उसे मिलने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया. इसलिए मैं बात को घुमा दिया. और उसको बोला मेडम शॉप का बोल रहा हु. उसने बोला मतलब तो मैंने कहा आप शॉप पर कब आओगी. तो उसने बोला जब उस तरफ आई तो आना जरुरी होगा  आप के वहां. मैंने फिर बोला आप कभी भी आओ तो आने से पहले मेरे को कॉल या मेसेज कर देना. उसने बोला ठीक है. और फिर हमने कुछ देर और बातें की. दुसरे दिन शॉप पर जाने के टाइम दिल में सोचा अगर आज आ गई तो! और फिर मैं रेडी हुआ और शॉप चला गया. मैंने जो सोचा था वही हुआ उसका कॉल आया. मैंने हाय हल्लो किया. वो बोली मैं अपनी फ्रेंड के साथ मार्केट में आ रही हूँ वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ जायेगी तो मैं उतने में आप से मिल लुंगी. मैंने उसे हाल बोल दिया. मैंने जल्दी से फेश वाश किया और उसका वेट करने लगा.

उस दिन मेरी ड्रेसिंग फोर्मल थी. और आज वो जब शॉप पर आई तो मैं उसे देख के चौंक सा गया. आज वो बहुत ही ज्यादा प्यारी लग रही थी. और सेक्सी भी! उसका फिगर देखता उस से पहले ही वो बोली आज भी कोई नहीं है? मैंने मन ही मन कहा की थे तो दो चार दोस्त और लड़का लेकिन उन्हें भगा दिया आप का कॉल आते ही!

वो मेरे सामने बैठ गइ और हम दोनों बातें करने लगे. फिर उसने कहा यहाँ कुछ खाने के लिए अच्छी आइटम मिलती है? मैंने पूछा आप बोलो क्या खाना है आप को? वो बोली कुछ भी चलेगा. उसका ये जवाब सुन के मैं हंस पड़ा. वो भी समझ गई की मैं क्यूँ हंसा था. वो बोली आप को क्यूँ हंसी आ रही है तो मैंने बोला आप ने बात ही ऐसी की इसलिए मुझे हंसी आ गई.

वो मेरे को देख रही थी और मेरा ध्यान उसके बूब्स के ऊपर ही अड़ा हुआ था. वो निचे देखने लगी. मैंने बोला यहाँ नुक्कड़ पर एक समीर चाचा है उसके समोसे बड़े बढ़िया होते है. वो बोली वही ले आओ फिर आप. मैं गया और समोसे ऑर्डर कर के मैं मेडिकल से कंडोम ले आया.

मैं चाहता था की आज कुछ हो और शायद वो लड़की भी मेरे को शकल से अब हवसवाली ही लग रही थी. मैं समोसे ले के गया. और फिर मैंने दूकान के शटर को आधे से ज्यादा निचे कर दिया. और अंदर की लाईट ओन कर दी. वो बोली इसे क्यूँ बंद कर रहे हो?

मैंने कहा ताकि कोई हमें डिस्टर्ब ना करे!

वो बोली, हमें क्या करना है जिसमे डिस्टर्ब नहीं चलेगा?

और ये कह के वो मेरे सामने देखने लगी. और फिर उसने मेरी पेंट के वो हिस्से पर देखा जहाँ मेरा लंड था. मेरा लंड खड़ा ही था जिस से पेंट ऊपर को हुई थी. मैंने कहा समोसे खाओ आप!

वो हंस के समोसे खाने लगी. मैंने कहा दूकान को पूरा ही बंद कर दूँ, क्यूंकि फिर कोई आया तो वो दिमाग का दही करेगा.

वो बोली, देख लो आप मेरी वजह से अपना नुकशान ना करवा लेना.

मैंने कहा, मैं नुकशान को भरपाइ कर ही लूँगा डियर!

और मैंने शटर को पूरा निचे कर के उसे बंद कर दिया. वो समोसे ही खा रही थी चटनी लगा के. मैं उसके पास जा के खड़ा हुआ और इस तरह से खड़ा था की मेरा लंड उसके एकदम पीछे था कंधे के पास एक इंच से भी कम दूर. वो जैसे ही हिली मेरा लंड उसे छू गया. और उसकी गर्मी और सख्ती उसे महसूस हुई!

वो मेरी तरफ देख के बोली, क्या इरादा है?

मैंने कहा इरादे तो बहुत कुछ है लेकिन आप की मर्जी हो तो!

वो बोली, कोई आ गया तो?

मैंने कहा, शटर को लोक भी कर सकते है अन्दर से!

वो बोली, कर दो फिर!

मेरा लंड अब एकदम आग आग हो गया था. मैंने लंड को कंट्रोल किया और फिर शटर को लोक किया और अपने मोबाइल को स्विच ऑफ़ कर दिया. जब उसके पास आ के खड़ा हुआ तो उसने मेरे लंड को पकड़ा पेंट के ऊपर से और बोली, आप की गर्लफ्रेंड ने इसे कभी प्यार नहीं दिया?

मैंने कहा नहीं तभी तो ये प्यार का भूखा है!

वो हंस दी और मेरे लोडे को मसलने लगी. फिर उसने उसे मुठ्ठी में दबा दिया और बोली, बहुत बड़ा है ये तो!

मैंने जल्दी से लंड को बहार निकाला. और वो उसे देख के चौंक ही गई. उसने मेरी आँखों में देखा और मैंने कहा, कंडोम है घबराओ नहीं!

वो बोली, वो कब ले आये?

मैंने कहा, जब समोसे लेने के लिए गया था. और फिर उसने लंड को मुहं में तो नहीं लिया लेकिन उसे ऊपर ऊपर से ही किस किये. मेरा लंड पागल सा हो गया था.

अब मैंने उसे खड़ा कर के उसके कपडे खोले लेकिन वो बोली, पुरे कपडे नहीं सिर्फ काम काम की चीजें खोलो. मैंने उसकी पेंट को खोल के उसे घुटनों तक खींचा और पेंटी को भी. उसके शर्ट के ऊपर के बटन खोल के मैंने अंदर हाथ दे दिया. और उसके बूब्स के साथ खेलने लगा. वो अजब चुदासी हो चुकी थी. मैंने अब अपने लंड के ऊपर कंडोम लगा दिया. और वो मेरे सामने जैसे ही घोड़ी बनी मैंने पीछे से अपने लंड को उसकी चूत में दे दिया. वो आह्ह्ह्ह कर उठी. और मैंने उसे पकड के चोदना चालू कर दिया. उसकी चूत टाईट नहीं थी, शायद वो पहले भी बहूत चुदी हुई थी. मेरा लंड बिना किसी परेशानी के उसकी चूत में घुस गया.

मैंने उसे कंधे से पकड़ा हुआ था. मैं उसे आगे पीछे कर के मस्त चोद रहा था. और वो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उईइ उईई करती हुई मजे से ले रही थी मेरे लंड को.

पांच मिनिट के धक्को में ही मेरे मुहं से तो जैसे झाग निकल गया था. मैं जितने कस के चोदता था वैसे वो भी अपनी चूत का प्रेशर बनाती थी मेरे ऊपर. सच कहूँ तो अजीब की चुदक्कड लड़की थी ये तो.

पांच मिनिट और मैंने उसे चोदना चालु ही रखा और फिर मेरे लंड का पानी उसकी चूत में निकल पड़ा. उसको भी गर्म पानी का अहसास हो ही गया. वो मेरे को बोली आप का स्टेमिना अच्छा है.

मैंने कहा ये टी दूकान है इसलिए डर डर के किया और जल्दी हो गया. कही फुर्सत से मिलो तो बात बनेगी.

वो अपने कपडे पहनते हुए बोली, फिर अगले हफ्ते मेरे घर आ जाओ. मेरे घरवाले सब किसी शादी में जायेंगे और मेरी कोलेज की वजह से मैं नहीं जाउंगी!

मेरे मन तो उसकी ये बात सुन के अभी से लड्डू फूटने लगे थे. मैंने उसके घर पर तो उसकी चूत के साथ साथ उसकी गांड को भी बजा दिया था. लेकिन आज वो सब लिखूंगा तो कहानी बहुत लम्बी हो जायेगी. आप को वो बात भी जल्दी ही एक और कहानी में लिख के बताऊंगा! तब तक के लिए आप के दोस्त नदिम को आप इजाजत दे!