मेरी ट्यूशन वाली मैडम ने चुदवा लिया

यह कहानी तब की है जब मैं १७-१८ साल का था और मैं उस टाइम ५.९” लम्बा तगड़ा था। मुझे एक टीचर सुनीता मैडम पढ़ाती थी उस की उमर २८-२९ साल थी पर उसको बच्चा नहीं था। उनका पति गवर्नमेंट जॉब में थे और वो काफ़ी टाइम बाहर रहते थे | सुनीता मैडम के पति बाहर बाहर गये हुए थे और उसको एक नये मकान की जरुरत थी वो किराये पर रहती थी। हमारे पड़ोस में एक मकान नया बना था और काफ़ी खुला और हवादार था। जब सुनीता ने पूछा तो मैने उस मकान का बता दिया। उसी दिन सुनीता मेरे साथ घर अयी और वो मकान देखने मेरी मां के साथ चली गई। सुनीता को मकान काफ़ी पसंद आया और किराया भी काफ़ी जायज था, सो सुनीता ने मकान मालिक को अगले महीने की आखिरी तारीख को आने के लिये कहा और एडवांस किराया दे दिया। महीने की आखिरी तारीख को सुनीता अपने सामान के साथ उस मकान में शिफ़्ट कर गई।
दोस्तों यहां से असली बात शुरु होती है। सुनीता ने हमारे पड़ोस में आने के बाद मेरी मां से दोस्ती कर ली और मुझे एक्स्ट्रा पढ़ाई करवाने की बात कर ली बिना कोई टयूसन फीस के। बस मेरी मां को क्या चहिये था। सुनीता ने मुझे घर पर बुलाना शुरु कर दिया और अकेले में पढ़ाने लगी। आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
पहले ही दिन जब मैं उसके घर गया तो देखा कि उसने लूज़ कमीज और लंहगा पहन रखा था। उसने ब्रा नहीं पहनी थी और कमीज का गला भी खुला था। सुनीता ने मुझे पढ़ाना शुरु किया और बीच बीच मैं वो अपनी चूचियां अपने हाथ से दबा देती, उसकी बड़ी बड़ी चूचियों की गोलियां जैसे बाहर आने को हो जाती मैं उसकी इस हरकत को देख के मस्ती में भर जाता और मन कर रहा था कि मैं ही उसकी चूचियां दबा दूं पर हिम्मत नहीं हो रही थी। मेरा कुंवारा लंड तन कर सख्त हो गया था और मेरी पैंट को फ़ाड़ के बाहर निकलने को तैयार था। पर मैं सुनीता को कुछ कह नहीं पा रहा था। कोई 2 घंटे पढ़ाने के बाद सुनीता ने मुझे कहा “कमल तुम अब घर जाओ और अपने पैरेंट्स से पूछ कर आना यहां सोने के लिये”। मैने कहा “अच्छा मैडम”।
जब मैं चलने लगा तो सुनीता ने कहा “कमल तुम रहने दो रुको यहीं पर। मैं ही पूछ आती हूं”। कह कर सुनीता ने अपना कमीज मेरे सामने ही खोल दिया और बड़बड़ाने लगी “इतना करने के बाद भी कुछ नहीं किया पता नहीं रात को क्या करेगा” आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
फ़िर सुनीता ने अपनी ब्रा पहनी और मुझे हुक लगाने को कहा । ” आआआआआआआआआआअ ह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह ह्ह आआआऐईईईईइ
“हुक लगते हुए मेरे मुंह से निकल ही गया। “कमल अगर तुम मेरी मानोगे तो इससे भी ज्यादा मजा आयेगा तुम बस यहीं मेरा इन्तजार करो और बुक खोल के बैठ जाओ।
सुनीता ने साड़ी पहनी और मेरे घर चली गई। कोई 30 मिनट के बाद वो वापस आयी और मेरा पैजामा और कमीज साथ ले आयी।
“कमल तेरी मां तो सिर्फ़ पैजामा दे रही थी बोली कमल रात को पैजामा और बनियान में सोता है पर मैं ही शर्ट भी ले आयी उनको शक नहीं होगा कि मैने क्या किया है” फ़िर सुनीता ने अपनी साड़ी उतार दी और सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ में हो गई मेरा लंड काफ़ी तन गया और मैने सुनीता को हिम्मत करके कह ही दिया” मैडम 1 बात कहूं – आप जब मेरे सामने कपड़े बदलती हो तो मुझे ऐसा लगता है कि मैं ही आपका आदमी हूं” उसने कहा “कमल तो फ़िर तुम मेरे को औरत की तरह इस्तेमाल करो” फ़िर मैने हिम्मत कर ही ली और सुनीता की चूचियां पीछे से पकड़ ली और मेरा 7 इंच का लंड उसकी कमर पर लग रहा था। मैने उसकी गर्दन पर किस किया, सुनीता सिसकी ” ऊऊऊऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ूऊऊऊऊऊऊऊऊऊ आआआआआआह्हह्हह्हाआआआअ कमल प्लीज जोर से” मैने उसकी चूचियां जोर से दबाई और उसने अपनी कमर का पूरा दबाव मेरे लंड पर डाल दिया। मैने सुनीता के ब्लाउज़ को ऊपर सरका कर उसकी नंगी चूचियों को दबाया और 1 हाथ उसकी सफ़ाचट चूत पर ले गया। चूत गीली थी मेरा लंड काफ़ी जोर मार रहा था। सुनीता ने मेरे से अलग हो कर मेरा लंड पैंट से बाहर निकाल लिया “ओईईईईईईइ माआआआआआआअ ये तो गधे का लौड़ा है मेरी चूत का तो बुरा हाल कर देगा” बस फ़िर उसने आनन फ़ानन में मेरा लौड़ा मुंह में ले लिया। आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
क्योंकि अब तक मैने न ही मुठ मारी थी और न ही कभी किसी को चोदा था सो मेरा लंड उस के मुंह में ही झड़ गया 1 जोर की पिचकारी उसके मुंह में गई। मैं सिसक रहा था वो भी पानी पी कर खिलखिला के हसने लगी और अपना वीर्य से भरा मुंह मेरे होंठों पर रगड़ने लगी मेरा लंड आधा हो गया था फ़िर से खड़ा होने लगा।
वो बिल्कुल नंगी हो गई और मेरे को भी एक दम नंगा कर लिया। फ़िर सुनीता मेरे को बेड पर ले गई और मैं उसके गुलाम की तरह से उसका कहना मानने लगा। बेड पर वो मेरे को बूब्स चूसने कही और मेरे लंड पर मुठ मारने लगी 2 ही मिनट में मेरा लंड खड़ा हो गया। सुनीता ने मेरे को अपनी दोनो टांगे मेरे कंधे पर रखने को कहा और मेरा लंड अपनी गरम चूत में ले लिया। मेरा लंड उस की चूत में गया मेरे को ऐसा लगा कि किसी गरम भट्टी में मेरा लंड घुस गया है। मेरे लंड के अंदर जाते ही वो चिहुंकी आआआआआआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हाआआआआ। कमल मजा आ रहा है जोर से चोदो प्लीज। मैं उसको चोदने लगा। क्योंकि मैं पहली बार ही चोद रहा था और मेरा लंड काफ़ी टाइट था वो पसीने में भर गई और जोर से सिसकी भरती रही। मेरी एक चुदाई में वो 3 बार झड़ गई और फ़िर मैं झड़ा। मेरे झड़ते ही वो ढीली हो गई और वो लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी।
इस तरह मैने उसको रात में तीन बार चोदा फ़िर वो मेरे से लिपट कर सो गई।