मामा की लड़की की कुंवारी चूत के मज़े

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुरजीत है और मेरी उम्र 20 साल. यह मेरी आज पहली कहानी और मेरी एक सच्ची घटना है जिसको आज में आप लोगों को सुनाने आया हूँ. जिसमें मैंने अपने मामा की लड़की के साथ पहली बार सेक्स किया और मुझे उसके साथ वो सब करने में बड़ा मज़ा आया और अब आप वो घटना सुनिए. दोस्तों मेरे एक ही मामा है और उनकी भी एक ही लड़की है, मेरे मामा शुरू से कोई भी अच्छा काम नहीं करते थे इसलिए वो थोड़े ग़रीब से ही थे. वो जितना कमाते वो सब उनके घर के खर्च में भी कम पड़ते थे. इसलिए वो सभी घर वाले वैसा ही जीवन बहुत समय से जीते आ रहे थे.

दोस्तों मामा की लड़की तब 19 साल की थी और तभी एक दिन अचानक से मेरी मामी की म्रत्यु हो गयी और उस वजह से मेरे मामा की लड़की मेरी मम्मी के कहने पर हमारे घर में ही रहने लगी थी, क्योंकि वो अब जवान हो चुकी थी और घर में अकेली लड़की को रखना मेरी माँ को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा और इसलिए वो उसको अपने साथ हमारे घर पर ले आई क्योंकि उसकी पढ़ाई भी अब खत्म हो चुकी थी. वो भी हमारे साथ हंसी ख़ुशी रहने लगी थी. वो मेरी माँ के साथ घर के सभी कामों में उनकी मदद करने लगी और वो बहुत ही कम समय में हमारे पूरे परिवार के सदस्यों के साथ बहुत अच्छी तरह से घुलमिल गई थी जिसकी वजह से वो मेरे साथ भी एकदम खुलकर रहने लगी थी.

एक दिन वो अपने बेड पर सो रही थी और उस समय घर पर कोई भी नहीं था. मैंने देखा कि उसके बूब्स मुझे उसके कपड़ो के अंदर से हल्के हल्के बाहर भी दिख रहे थे और उसके गोरे उभरे हुए बूब्स को देखकर तुरंत मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया. दोस्तों मेरे मन में उससे पहले कभी भी अपने मामा की लड़की के लिए ऐसे कोई भी विचार नहीं थे, क्योंकि वो मुझसे हमेशा खुलकर हंसकर बातें हंसी मजाक मस्ती किया करती और हम दोनों हमेशा बड़े ही खुश थे. लेकिन उस घटना के बाद मेरा उसको देखने और मेरे उसके बारे में सोचने के विचार एकदम बदल गए थे और में उसको अपनी खा जाने वाली नजरों से घूर घूरकर देखने लगा था.

मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उसके हाथ को ज़रा सा स्पर्श किया तो वो मेरे लिए सबसे अच्छा अनुभव था, क्योंकि में पहली बार इतना नरम मुलायम हाथ को छू रहा था.

अब मैंने महसूस किया कि वो उस समय गहरी नींद में सो रही थी और फिर मैंने थोड़ी सी ज्यादा हिम्मत करके आगे बढ़ते हुए उसके हाथ को मैंने अब अपने हाथ से थोड़ा सा सहला दिया. में उसके हाथ को लगातार धीरे धीरे सहलाकर थोड़ा सा रगड़ने लगा मुझे उसके साथ ऐसा करने में बड़ा मज़ा आ रहा था. तभी मैंने महसूस किया कि उसने सोते सोते ही अपने दूसरे हाथ को टाइट कर लिया और उसने अपने एक हाथ से मेरा हाथ पकड़ लिया.

फिर मैंने हिम्मत करके हल्के से उसके बूब्स पर मसाज करनी शुरू कर दी और तब भी उसने अपनी आँखें नहीं खोली. लेकिन उसकी साँसे अब पहले से तेज हो गयी थी और उसकी छाती बड़ी तेजी से ऊपर नीचे होने की वजह से उसके बूब्स और भी ज्यादा मनमोहक आकर्षक नजर आ रहे थे. फिर मैंने उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत को अपने हाथ से बहुत हल्के से सहलाया. लेकिन वो अब भी नहीं उठी और अब में बहुत अच्छी तरह से समझ गया था कि वो बहुत पहले ही जाग गई थी. लेकिन वो मेरे सामने बस सोने का एक नाटक कर रही थी.

अब मैंने अपना लंड पेंट से बाहर निकालकर उसके हाथ से पकड़कर सहला दिया और उसके नरम मुलायम हाथ से छू जाने पर मेरा लंड अब हल्के हल्के झटके देने लगा था और लंड में बहुत जोश आ गया था. फिर मैंने कुछ देर मुठ मारने के बाद उसका मुहं खोलकर अपने लंड को मैंने सोते हुए ही उसके मुहं में डाल दिया.

उसने सोती हुए ही एक साइड पलटकर मेरे लंड को अपने मुहं से तुरंत बाहर निकाल दिया. फिर मैंने मन ही मन में सोच लिया कि जो भी होगा देखा जाएगा और यह बात सोचकर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोलकर सलवार को पेंटी के साथ साथ नीचे सरका दिया. तब मैंने जो कुछ भी देखा उसको देखकर में अपने पूरे जोश खो बैठा. में उसकी चूत को देखकर बिल्कुल पागल हो चुका था. फिर मैंने देखा कि उसकी चूत बहुत ही गीली थी, जिसका मतलब साफ था कि वो भी अब जोश में चुकी थी और उसको भी मेरा हाथ फेरकर सहलाना बहुत अच्छा लग रहा था. उसको भी मज़ा आ रहा था, जिसकी वजह से मेरे अंदर बहुत हिम्मत आ गई और में अब रुकने वाला नहीं था.

अब में उसकी चूत को लगातार सहलाने लगा, जिसकी वजह से उसकी साँसे पहले से बहुत तेज हो गयी थी. फिर मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डाल दिया तो वो दर्द की वजह से एकदम से तड़प उठी. लेकिन फिर भी में अपने काम में लगा रहा. कुछ देर तक में अपनी उंगली को उसकी चूत में आगे पीछे करता रहा. वो अपनी आखें बंद करके नींद में होने का नाटक अभी तक भी कर रही थी.

तभी मैंने सही मौका देखकर अपना पांच इंच का लंबा मोटा लंड उसकी वर्जिन चूत की गुलाबी पंखुड़ियों के ऊपर रखकर अपनी तरफ से एक ज़ोर का झटका मार दिया, जिसकी वजह से वो ज़ोर से तड़प उठी. अभी मेरा लंड थोड़ा सा ही अंदर गया था और वो अब अपनी तरफ से पूरी कोशिश करके मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन वो अब भी अपनी आँखें नहीं खोल रही थी. लेकिन उसका दर्द की वजह से विरोध अब भी जारी था. अब मैंने उसके दर्द की तरफ से अपने ध्यान को हटाकर अपनी तरफ से उसको एक और झटका मार दिया, जिसकी वजह से मेरा आधा लंड उसकी चूत को चीरता फाड़ता हुआ अंदर चला गया. वो अब बहुत ज़्यादा मचल रही थी. मैंने देखा कि उसकी चूत में से अब खून भी बाहर निकलने लगा था.

में थोड़ा सा डर भी गया, लेकिन में उस समय पूरी हवस बहुत जोश में था इसलिए में अपने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करता रहा और ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मुझे मेरे लंड पर उसकी चूत की रगड़ बहुत अच्छी तरह से महसूस हो रही थी जिसकी वजह से में बहुत खुश था. थोड़ी देर बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था, लेकिन मेरा काम अभी भी पूरा नहीं हुआ था.

मैंने अपनी तरफ से थोड़ी तेज झटके मारने शुरू कर दिए जिसकी वजह से उसका पूरा बदन हिल जाता और में बहुत खुश होकर उसको अपनी तरफ से धक्के मारता रहा, लेकिन थोड़ी ही देर बाद मेरा भी वीर्य निकल गया, जिसकी वजह से मेरा जोश ठंडा होता चला गया. में थक कर कुछ देर तक ऐसे ही उसके ऊपर पड़ा रहा और में उसके बूब्स के ऊपर अपना मुहं रखकर लेटा हुआ था और उसकी निप्पल को सहला रहा था. फिर मैंने देखा कि उसकी सांसे अब भी उखड़ रही थी और मुझे उसकी गरम तेज तेज सांसे अपने सर पर महसूस हो रही थी.

थोड़ी देर के बाद में अब उठ गया और मैंने अपनी पेंट को बंद करके एक कपड़े से उस बेड शीट पर लगे उस खून को साफ किया, लेकिन मैंने देखा कि मेरे मामा की लड़की अभी तक भी मेरे सामने सोने का नाटक कर रही थी.

शाम को करीब पाँच बजे वो जब उठी तो उस समय मेरी उससे आँखें मिलाने की हिम्मत भी नहीं हो रही थी, इसलिए में उसकी तरफ ना देखकर इधर उधर देखकर उससे बातें या अपना काम उससे अपनी नजर को चुराकर कर रहा था. लेकिन वो अब भी मेरे सामने ऐसा व्यहवार कर रही थी जैसे कि उसके साथ कुछ हुआ ही ना हो.

दोस्तों उसके उस व्यहवार और घर में किसी को भी हमारे बीच बने उस नये रिश्ते के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी, जिसकी वजह से में बहुत खुश था और उस दिन के बाद मैंने कई बार हमेशा ऐसे ही उसके साथ सेक्स किया और वो हर बार मेरे सामने ऐसे ही सोने का नाटक करती रहती थी.

मैंने उसके साथ चुदाई के पूरे पूरे मज़े लिए और अब मुझे महसूस होने लगा था कि उसको हमारी पहली चुदाई की तरह अब ज्यादा दर्द नहीं होता था, लेकिन हाँ कुछ दिनों के बाद मेरे घरवालों को मुझ पर मेरे अपने मामा की लड़की के साथ उसकी चुदाई पर शक के साथ साथ पूरी तरह से विश्वास हो गया और फिर उन्होंने उस वजह से बहुत जल्दी एक लड़का देखकर उसकी शादी कर दी, लेकिन अब में सेक्स की भूख की वजह से ऐसे ही अकेला तड़पता रह गया हूँ.