मकान मालिकिन और उनकी दो सेक्सी बेटियां *हॉट चुदाई

हाय, आप सब सेक्स स्टोरी को पसंद करने वाले साथियों को सानू का नमस्कार!
मैं नोएडा से इंजीनियरिंग कर रहा हूँ! मैं साढ़े पांच inch का एक तगड़े हथियार का मालिक हूँ, जो किसी भी बुर, चुत फ़ुद्दी को पूरी तरह से संतुष्टि देने की ताक़त रखता है!

बात उस टाइम की है जब मैं पढ़ाई करने हॉस्टल से बाहर एक किराए के कमरे में रहने आया था! मैं हमेशा अकेला ही रहना ज़्यादा पसंद करता हूँ, इसलिए मै एक सिंगल रूम ढूँढ कर किराए पर ले लिया!

मेरे मकान:-मलिक थोड़ा पैसों के अधिक लालची थे, उन्होंने मेरे रूम का किराया मुझसे 2 गुना लिया, जबकि यह कमरा औ’र कमरों की तुलना में काफी छोटा था! चूंकि उस वक्त मुझे कमरे की सख्त जरूरत भी थी, इसलिए मै उनकी बात मान ली!

एक दिन मै उसे जब देखा तो ख्याल आया कि क्यों ना इसी से किराया वसूल किया जाए, तो मैं उसे पटाने में लग गया! उससे धीरे:-धीरे बात शुरू हुई, तब पता चला कि उसका कोई ब्वॉयफ्रेंड नही है!

मै उस पर डोरे डालने शुरू कर दिए! वो भी अब धीरे:-धीरे मेरी तरफ आकर्षित होने लगी!

एक दिन उसका बर्थडे था, तो वो एक मिठाई का डिब्बा औ’र आइसक्रीम लेकर मेरे कमरे में आ गई!

मै तो सोचा कि लगता है, अब बात बन जाएगी! मै उसे बर्थडे विश किया औ’र फिर उससे नॉर्मल बात हुई!

फिर अचानक मैं उसके होंठों से अपने होंठ को लगाकर किस करने लगा! अचानक से चूमने से तो वो भी हैरान हो गई लेकिन फिर उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया औ’र हम दस मिनट तक ऐसे ही चिपके रहे!

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझसे ज़्यादा उसे ही अपनी चुत चुदवाने की जल्दी है, क्योंकि उसने अगले ही पल मेरी जीन्स का बटन खोलकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया औ’र नीचे को बैठ कर मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया!

अब वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी! ऐसा लग रहा था जैसे लंड चूसने में उसने पीएचडी की हुई है!

तभी अचानक उसकी दीदी का फोन आया कि मम्मी को शक हो गया है औ’र वो अब कमरे में आने वाली हैं, भागो वहाँ से!

वो इतना सुनते ही मेरे कमरे से जल्दी से भाग गई औ’र मै भी जल्दी से अपनी पेंट ठीक की औ’र किताब पढ़ने लगा! उसकी बहन का फोन आने से मुझे ये समझ आ गया था कि ये दोनों ही मुझे चुदवाने को एकदम रेडी हैं!
मकान मालिकिन को मै भाभी कहता था। हलाकि वो उम्र में थोडा बड़ी थी, पर क्या फ़र्क़ पड़ता है। और भाभी सुनकर वो थोडा खुस भी रहती थी।

नीतू के जाते ही भाभी कमरे में आ गईं! मुझ पर चुदास चढ़ी हुई थी, सो मैं भाभी की उठी हुई चूचियों को देखने लगा!

क्या मस्त चूचियां तनी हुई थीं उनकी, मेरा लंड फिर से अकड़ने लगा!

उन्होंने कमरे में आकर शक की नज़रों से इधर:-उधर देखा, लेकिन जब उन्हें कुछ नही मिला तो वो जाने लगीं!
मैं उनकी मटकती हुई गांड देख कर पागल हो गया! फिर कुछ दिन ऐसे ही गुजर गए, मुझे मुठ मार कर ही काम चलाना पड़ता था!

एक दिन किस्मत ने भी मेरा साथ दिया! भाभी के फ्लैट से जुड़ा हुआ एक रूम था, वो रूम खाली हो गया औ’र मैं भैया(अंकल) की सहमति से उस कमरे में शिफ्ट कर गया!

उस कमरे का एक दरवाजा भाभी के फ्लैट में खुलता था, मै उसे अपनी तरफ से अन्दर से बंद कर दिया ताकि उन लोगों को कभी कोई शक या दिक्कत न हो!

इसके कुछ दिन बाद में कमरे में लेटा हुआ था कि अचानक किसी ने मेरे उसी अन्दर वाले दरवाजे पर दस्तक दी! मै झट से खोल दिया औ’र वो जल्दी से मेरे रूम में आ गई!

जब मै देखा तो वो मेरी जान नीतू नही थी, बल्कि भाभी थीं! उन्होंने मुझे कुछ सोचने का मौका भी नही दिया औ’र मेरे ऊपर चढ़ गईं! अब वो लगीं मेरे शरीर पर हर जगह किस करने, जैसे जन्मों की प्यासी हों, मैं चित्त पड़ा मजा लेता रहा!

कुछ देर बाद जब वो कुछ शांत हुईं, तो मै पूछा:- ये क्या कर रही हैं आप?
तो उन्होंने कहा:- आज कुछ मत बोलो, बस होने दो, मैं बहुत प्यासी हूँ! मेरे पति शराब के नशे में डूबे रहते हैं, तो इस वजह से अब उनमें वो दम नही रह गया है!

भाभी की बातें सुनीं तो मेरी तो बांछें खिल गईं! अब मुझे क्या फ़र्क पड़ता, लंड के नीचे कोई भी हो!

मैं भी उनकी सेवा में लग गया, हम दोनों एक:-दूसरे के होंठ को खा जाना चाहते थे! उनकी सांसें फूल रही थीं औ’र बहुत औ’र सिसकारियाँ लिए जा रही थीं!

उसके बाद मै धीरे:-धीरे उनके कपड़े उतारना शुरू किए औ’र उन्होंने मेरे कपड़े उतारे! हम दोनों नंगे हो गए, उन्होंने जैसे ही मेरे लंड को देखा तो खुशी से पागल हो गईं, भाभी कहने लगीं:- हाय, इतना मोटा लंड है तेरा, तुम मेरी बेटी को चोदते तो वो तो मर ही जाती!

मुझे उनकी इस बात से अचानक से झटका लगा कि ये क्या बोल रही हैं, लेकिन वो अपने कंट्रोल में नही थीं! भाभी को बहुत चुदास चढ़ी हुई थी!

वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं, कुछ मिनट तक अपना लंड चुसाते हुए मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो मै अपना लंड उनके मुँह से निकाल लिया औ’र उनको बिस्तर पर पटक दिया!

फिर मै भाभी की चुत चाटनी शुरू की तो भाभी ने अपनी टांगें हवा में उठा दीं औ’र अपने चुतड़ों को उठाते हुए अपनी चुत मेरे मुँह में ठेलते हुए चुत चुसवाने लगीं!

क्या मस्त चुत थी, एकदम टाइट औ’र सफाचट, चुत पर एक भी बाल नही था! ऐसा लग रहा था कि जैसे मुझसे चुदवाने भाभी पूरी तैयारी के साथ आई थीं!

फिर मै उनके दोनों चूचियों को बारी:-बारी से चूसने लगा, क्या रसीले चूचे थे यार, मज़ा आ गया!

अब वो कहने लगीं:- चोद दो मुझे, उम्म्ह, अह्ह्ह, हय, याह, भोसड़ा बना दो मेरी चुत का, फाड़ दो इसे, बहुत दिनों से परेशान किए जा रही थी, आज इसकी पूरी गर्मी निकाल दो,!

मै भी उन्हें घोड़ी बना दिया औ’र अपना लंड उनकी चुत पर सैट करते हुए धक्का मारा, तो लंड फिसल गया! क्योंकि चुत बहुत दिनों से नही चुदाने की वजह से बहुत टाइट हुई पड़ी थी!

मै फिर से लंड सैट किया औ’र धक्का मारा तो इस बार चुत को फाड़ता हुआ अन्दर तक घुस गया! उनके मुँह से आवाज़ निकली, लेकिन मै अपने होंठों से उनके होंठों को दबा दिया वरना क़यामत आ जाती!

फिर मैं भाभी को ज़ोर:-ज़ोर से चोदने लगा, औ’र वो भी मेरे हर धक्के का जवाब अपनी गांड उठा:-उठा कर दिए जा रही थीं!

करीब दस मिनट तक धक्कम:-पेल चुदाई चलने के बाद मेरा माल अब गिरने वाला था, अब तक भाभी 2 बार झड़ चुकी थीं!
मै अपने धक्के औ’र तेज कर दिए औ’र 5 मिनट के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए!

फिर भाभी ने कपड़े पहने, लंड पर चूमा लिया औ’र कहा:- अब अगली बार पूरी तैयारी के साथ आऊँगी!
मैं कुछ समझा नही, लेकिन मैं भी थक गया था, सो मुझे भी नींद आ गई!