दोस्त की माँ को चोदा गजब तरीके से- गांड और चूत फाड़ डाली

प्रेषक : सौरभ

हैल्लो दोस्तो मेरा नाम सूरज ठाकुर है। में अमरावती का रहने वाला लड़का हूँ। मैने आपको पिछली बार बताया था कि मेरे दोस्त की माँ अनु की क्या प्लानिंग थी। आज मे आपको आगे की कहानी बताने वाला हूँ।

अनु और में हमेशा चोदने की बाते करते रहते थे, फोन पर मतलब फोन सेक्स किया करते रहते थे। मैने बताया था कि में हमेशा अमोल के घर पर ही रहता था। टाइम पास करते हुए और जब भी चान्स मिलता में अनु को चोदता था। लेकिन अब एक महिना हो गया था, अभी तक मैने अनु को नहीं चोदा था। अब एक दिन में और अमोल पीसी पर गेम खेल रहे थे तो तभी डोर बेल बजी, हम दोनो ने हॉल मे आकर डोर ओपन किया तो देखा मनोज अंकल आए है। अमोल के पापा मेरे पापा और मनोज अंकल बहुत अच्छे दोस्त है। वो तीनो हर सन्डे साथ मे ड्रिंक करते है। अब हमने अंकल को बैठने को कहा तो अंकल बोले कि अमोल तुम्हारे पापा कहाँ गये है?

अमोल : अंकल पापा तो जॉब पर से कुछ देर मे आने ही वाले है।

अंकल : तो तुम्हारी मम्मी तो घर पर होगी ना।

अमोल : जी अंकल है ना में अभी बुलाता हूँ।

में : अमोल तू एक काम कर अंकल के लिए पानी लेकर आ, में आंटी को बुलाकर लाता हूँ।

अमोल : हाँ ठीक है, तू जाकर माँ को बुला कर ला।

अब में भागता हुआ अनु के रूम मे गया तो देखा कि वो सो रही है और उनकी साड़ी पैर से थोड़ी ऊपर हो गयी है, अब उनके गोरे गोरे पैर देखकर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ था और अब में पास जाकर उनके पैर को किस करने लगा था और तभी अमोल की मम्मी की आंख खुल गयी और अब वो मेरी तरफ देखकर स्माइल करने लगी और मुझे खुद के ऊपर खींच लिया और लिप किस करने लगी और अब में भी किस करने लगा था।

अनु : अब धीरे से कहने लगी कि क्या अमोल बाहर गया है?

में : अभी नहीं वो हॉल मे है, बाहर मनोज अंकल आए है, तो वो उन्हे पानी दे रहा है और अंकल आपको बाहर बुला रहे है।

अनु : अब तू चल हट मेरे ऊपर से बहुत देर से मजे ले रहा है।

अब में उठ गया और साइड मे खड़ा होकर अनु को देखने लगा था, अब अनु अपनी साड़ी ठीक करने लगी तो तभी में अनु की गांड दबाने लगा।

अनु : तू प्लीज सस्स्स्शह ऐसा मत कर अमोल आ जाएगा।

में : अनु में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।

अनु : में भी जान, चल अब हम बाहर चलते है, नहीं तो अमोल अंदर आ जाएगा।

अब में पहले वहाँ से बाहर निकला और अमोल के पास जाकर बैठ गया था। अब अनु फ्रेश होकर बाहर आ गयी थी और हमारे सामने बैठ कर बाते करने लगी।

मनोज अंकल : बिट्टू की शादी फिक्स हो गयी है और बीस मार्च को शादी है, बिट्टू मनोज अंकल की बेटी है।

अनु : ये बहुत ही अच्छा हुआ कि उसकी शादी जल्दी फिक्स हो गयी है।

अंकल : सूरज तेरे घर का कार्ड है, में यहाँ पर तुझे ही दे देता हूँ, तू घर पर पापा को बता देना बेटा ठीक है।

में : हाँ अंकल में घर पर सभी को बता दूंगा।

अब फिर अंकल वहाँ पर से चले गये थे। अब मैने कार्ड ओपन करके देखा और फिर हम दोनो फिर से पीसी पर गेम खेलने लगे, अब दस मिनट के बाद अनु अमोल के रूम मे आई।

अनु : अमोल मुझे मार्केट मे लेकर चल मुझे कुछ मार्केटिंग करनी है।

अमोल : नहीं मम्मी मुझे अभी बहुत सा काम है, में अभी बाहर जा रहा हूँ।

में : अमोल आंटी को में मार्केट लेकर जाता हूँ। अब अमोल जल्दी से तैयार होकर बाहर चला गया था। लेकिन अब मुझे पता था, अमोल अपनी गर्लफ्रेड से मिलने बाहर जा रहा है।

अनु : सूरज चल मेरे रूम में तैयार होती हूँ। अब मैने जल्दी से अनु को अपनी गोद मे उठा लिया और उसके रूम मे लेकर चला गया, अब अनु मेरे चेस्ट पर किस कर रही थी, अब मैने अनु को रूम पर लाकर बेड पर फेंक दिया और अब अनु की साड़ी ऊपर करने लगा।

अनु : सूरज आज नहीं मुझे अभी महीने की प्राब्लम चल रही है और आज से तीसरा दिन शुरू है। अब तुम दो दिन तक रुक जाओ ना प्लीज।

में : ठीक है मेरी जान, में तुमसे प्यार करता हूँ इसलिए दो तीन दिन ओर रुक जाता हूँ। अब अनु बेड पर से उठी और मेरे ही सामने साड़ी चेंज करने लगी थी। अब अनु को ब्रा और पेंटी मे देखकर मुझे कंट्रोल नहीं हो रहा था। अब फिर भी कैसे भी करके मैने अपने आप पर कंट्रोल किया। फिर में अनु को लेकर मार्केट चला गया था। अब बाइक पर जाते टाइम अनु के बूब्स मेरी पीठ पर टच हो रहे थे। अब में खुद जानबूझ कर ब्रेक मार रहा था, अनु को पता था कि में ऐसा क्यों कर रहा हूँ। अब फिर हमने शॉपिंग की और अब मैने अनु को घर ड्रॉप कर दिया और आई लव यू बोलकर में वहाँ पर से निकल गया।

अब कुछ दिनों के बाद बिट्टू की शादी के प्रोग्राम स्टार्ट हो गये थे। अब में अपनी मम्मी और अमोल की मम्मी को लेकर मेरी स्कॉर्पियो मे शादी के घर गया था। अब वहाँ पर जाकर देखा कि हल्दी का प्रोग्राम शुरू है और तभी बिट्टू की मम्मी ने मेरी और अमोल की मम्मी को पकड़ कर हल्दी लगाने लगी और में पास मे ही खड़ा होकर सब देख रहा था। फिर अब किसी ने जाकर सीडी प्लेयर स्टार्ट कर दिया और सभी लोग नाचने लगे थे और सभी लोग एक दूसरे पर पानी डालने लगे थे।

अब अनु बहुत गीली हो गयी थी अनु का ब्लाउज गीला होने की वजह से थोड़ा नीचे हो गया और अब अनु के बूब्स की बीच की लाईन साफ दिखने लगी थी। तभी मेरे साथ मे कुछ खड़े लड़के और अंकल अमोल की मम्मी को घूर घूर कर देखने लगे। अब मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था और तभी मैने अमोल की मम्मी को आंख से इशारा किया और मेरे पास बुला लिया।

में : तुम्हे सभी लोग घूर घूर कर देख रहे है तुम यहाँ से जाओ और अपनी साड़ी चेंज कर लो।

अनु : मेरे पास और कोई साड़ी नहीं है, अब तुम बताओ में क्या करूं।

में : तुम बिट्टू की मम्मी से साड़ी मांग कर चेंज कर लो प्लीज़।

अनु : हाँ में अभी जाती हूँ, ठीक है।

अब अनु बिट्टू की मम्मी के पास चली गयी, तभी मनोज अंकल मेरे पास आए थे।

अंकल : सूरज तू एक काम कर मार्केट जाकर फूल लेकर आ में तुझे पैसे देता हूँ।

में : ठीक है, अंकल मे मम्मी को बता देता हूँ, कि मे बाहर जा रहा हूँ, किसी काम से अब में जल्दी से मम्मी को बताने चला गया। अब अमोल की मम्मी ने साड़ी चेंज कर ली और मेरी मम्मी के पास ही बैठी हुई। तभी मैने मम्मी से कहा कि में अंकल का कुछ काम करके अभी कुछ देर मे आता हूँ। तभी अमोल की मम्मी ने कहा कि मुझे भी वहाँ पर कुछ काम है, में भी तेरे साथ चलती हूँ। अब में अमोल की मम्मी को साथ मे लेकर वहाँ से चला गया था, अब रास्ते मे….

अनु : क्या हुआ सूरज तू इतने गुस्से मे क्यों है।

में : जी नहीं कुछ नहीं हुआ।

अनु : तुम झूठ मत बोलो मुझे पता है, कि तुम गुस्से मे हो क्या हुआ बताओ।

में : वहाँ पर जब तुम गीली हो गयी थी, तभी तुम्हारा ब्लाउज थोड़ा नीचे हो गया था, तभी कुछ लड़के और अंकल तुम्हे घूर घूर कर देख रहे थे, मुझे ये पसंद नहीं आ रहा रहा था इसलिए गुस्सा हूँ और कुछ नहीं है।

अनु : हँसते हुए अरे बाप रे तुम्हारी इतनी दूर की नज़र है क्या? और मुझे खींच कर किस करने लगी सूरज इसके बाद में हमेशा ध्यान रखूँगी अब गुस्सा मत करो प्लीज, आई लव यू जान।

में : चलो ठीक है फिर कुछ दिन ऐसे ही निकल गये और बिट्टू के शादी का दिन आ गया, मेरे मम्मी पापा तैयार हो गये और में भी। पापा ने अमोल के पापा को फोन लगाया और कहा हम सब तैयार है। हम आपके घर आते है और स्कॉर्पियो मे सब साथ मे ही चलते है, तो अमोल के पापा ने कहा में जस्ट घर पर आया हूँ तो मुझे तैयार होने के लिए टाईम लगेगा, एक काम करो आप सब चले जाओ में अनु और अमोल हम सब शादी मे ही मिलते है। तभी पापा ने हाँ कर दी और में अपनी स्कॉर्पियो मे पापा मम्मी के साथ शादी मे चला गया। वहाँ जाकर मम्मी बिट्टू के मम्मी के पास चली गयी और पापा अपने फ्रेंड्स से बाते करने लगे और में बहुत बोर हो रहा था। मैने नोटीस किया की कुछ लड़कियां मुझे देख रही है क्या पता शायद में स्मार्ट दिख रहा हूँ। में वहाँ पर कुर्सी पर बैठ कर टाइम पास कर रहा था और अमोल का वेट कर रहा था। कि अचानक अमोल आ गया और हम बाते करने लगे थे।

में : तुमने इतना टाइम क्यों लगाया।

अमोल : वो मेरी मम्मी की तैयारी पूरी होगी तब हम आएंगे ना, तुझे तो पता है मम्मी कितना टाईम लगाती है।

में : तो अंकल आंटी कहाँ है, मुझे वो कहीं पर दिखाई नहीं दे रहे है।

अमोल : पापा तो तेरे पापा के पास खड़े है और मम्मी को अभी मैने आंटी के पास देखा था।

में : तू चल मुझे प्यास लगी है, हम पानी पी कर आते है।

फिर हम दोनो पानी के स्टॉल के पास गये, अनु वहाँ पर खड़ी थी और पानी पी रही थी। में अनु को देखकर पागल सा हो गया, वो स्काई ब्लू कलर की साड़ी मे बहुत सुंदर दिख रही थी। उसके बूब्स ब्लाउज के बाहर आने के लिए इंतजार कर रहे थे और अनु की गांड को वहाँ पर सभी लोग देख रहे थे। मुझे तो ऐसा लग रहा था कि अनु के लिप्स पर पानी की बूंदे तक पी जाऊं लेकिन कुछ कर नहीं सकता था।

अमोल : चल ना आज हम दोनों वाइन पीते है।

में : तुझे पीना है तो पी ले में नहीं पीऊंगा।

अमोल : ठीक है तू यहीं पर रुक में पी कर आता हूँ, तू कहीं जाना नहीं रुक नहीं तो पापा को शक हो जाएगा।

में : ठीक है लेकिन तू जल्दी आना और अमोल वहाँ से बार मे चला गया।

तभी अचानक अमोल की मम्मी मेरे पास आई और बोली …

अनु : क्या बात है आज तुम बहुत स्मार्ट दिख रहे हो।

में : मज़ाक मे कहने लगा क्या तुम्हे अभी पता चला, आज तुम्हे चोदने का बहुत मन कर रहा है।

दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaSex.Net पर पड़ रहे है।

अनु : तो चलो हम घर पर चलते है।

में : लेकिन यहाँ पर क्या बताए अपने घर वालो को।

अनु : तू अभी रुक में सब को देखती हूँ।

फिर वो वहाँ से अंकल के पास चली गयी, में अमोल की मम्मी को देख ही रहा था, फिर अमोल की मम्मी रिटर्न आ गयी और कहने लगी कहाँ पर चले हम। अब हम दोनो शादी मे से निकल कर मेरे घर की तरफ चलने लगे गाड़ी मे।

में : लेकिन तुमने क्या बताया अंकल को।

अनु : मैने कहा कि बिट्टू को जो शादी में गिफ्ट करने वाले थे वो घर पर ही रह गया है में सूरज के साथ जाकर घर से लाती हूँ और हम दोनों हंसने लगे।

में : देखना में तुम्हे आज बहुत अच्छे से चोदने वाला हूँ।

अनु : तो चोदो ना तुम्हे किसने मना किया है और हम दोनों मेरे घर पर पहुंच गये और अब मैने डोर लॉक ओपन किया और फिर उसे अंदर लेकर जा करके डोर लॉक कर दिया ताकि किसी को पता ना चले घर मे कोई है। अब में भागता हुआ फिर से अनु के पास गया और लिप किस करना स्टार्ट कर दिया। अनु बहुत जोश में थी और अपने एक हाथ से मेरे बाल खींच कर मुझे किस कर रही थी।

अनु : बहुत दिन हो गये तूने मुझे चोदा नहीं आज तुझे चान्स मिला है।

में : अनु के लिप काट रहा था और खुद की शर्ट का बटन खोल रहा था। अनु की साड़ी का पल्लू साइड मे किया और बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से ही अपने दांतों से काटने लगा था।

अनु : तू काट मत दर्द होता है ना, लेकिन में सुन नहीं रहा था और ज़ोर से काट रहा था और जल्दी जल्दी ब्लाउज के हुक खोल रहा था। फिर ब्लाउज को एक साइड मे फेंक कर अनु को बेड पर धक्का दिया और ब्रा के ऊपर से बूब्स को काटने लगा। अनु पागलो की तरह मुझे जोर से अपने बूब्स पर दबा रही थी।

अनु : और ज़ोर से और ज़ोर से चूस ज़ोर से आअअअह।

अब मैने इतने ज़ोर से ब्रा खींची की ब्रा का हुक ही टूट गए थे।

अनु : तू प्लीज ऐसा मत कर फिर में क्या पहनूंगी। लेकिन मैने कुछ नहीं सुना और ब्रा को खींच कर साइड मे फेंक दिया था, अब अमोल की मम्मी के बूब्स पर टूट पड़ा था।

अनु : प्लीज़ सूरज दर्द हो रहा है, सस्स्शह बहुत दुख रहे है ना प्लीज।

अब मैने अपने हाथो से अनु की साड़ी अनु की चूत के ऊपर कर दी और अमोल की मम्मी की पेंटी को खींचकर फेंक दिया और अनु की चूत चाटने लगा और जैसे ही मैने चूत पर जीभ लगाई अनु जल्दी से उठकर बैठ गयी, लेकिन मैने अनु की गांड पकड़ कर फिर से अनु को लेटा दिया और अनु की चूत चाटने लगा। मैने पांच मिनट चूत चाटी तो अनु ने अपने हाथो से मेरा सर पकड़ लिया और पैरो से मेरी गर्दन पर फोल्ड करके मुझे चूत पर दबाने लगी और अब अनु का पानी निकलने लगा था। लेकिन फिर भी में अनु की चूत चाटे जा रहा था।

अनु : सूरज रूको रूको रूको में झड़ने वाली हूँ और अनु का पूरा पानी निकल गया। अब अनु ने मुझे खुद पर खींच लिया और लिप किस करने लगी।

अनु : तूने बहुत मज़े लिए अब में बताती हूँ कि ज़ोर से चाटना क्या होता है। अब अनु ने मेरी जीन्स की ज़िप खोली और फिर जीन्स निकाल दी और मेरा पूरा लंड मुहं मे लेकर चूसने लगी और ज़ोर ज़ोर से मूठ भी मार रही थी। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, तभी मैने अनु के बाल पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करने लगा। कई बार तो मैने अनु के मुहं के लास्ट तक लंड मुहं मे डाला फिर तभी अनु खांसने लगी, लेकिन में रुकने का नाम नहीं ले रहा था। अब अचानक से मुझे लगा कि में भी अब झड़ने वाला हूँ और तभी मैने अनु का सर पकड़ कर रखा और पूरा वीर्य निकाल दिया उसके मुहं में, अब अनु ने बाथरूम मे जाकर थूक दिया, लेकिन में वहीं बेड पर लेटा था और अनु के आने का वेट कर रहा था। अब मुझे खड़ा भी रहना नहीं आ रहा था।

अनु : क्या बात है आज तो तूने बहुत वीर्य निकाला और मुहं टावल से पोछने लगी और में बेड पर लेटे हुए लंड हिला रहा था। और तभी अनु मेरे पास आई।

अनु : तू लंड से हाथ हटा ये तेरा काम नहीं है, तू देख इसे में खड़ा करुँगी और अब में हंसने लगा था। अब अनु बड़े प्यार से मेरे लंड पर ज़ुबान फैर रही थी और तभी मेरा लंड जल्दी ही खड़ा हो गया। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैने अनु को खींचकर बेड पर लिटा दिया और अनु के पैरो को खोलने लगा और लंड को हाथ से पकड़ कर चूत पर रखा और थोड़ा पीछे हटकर एक ही जोर के धक्के मे पूरा आठ इंच का लंड अनु की चूत मे डाल दिया। अब अनु ने सांस रोक ली और उसकी आँखो मे आंसू आ गये। तभी में तोड़ा रुका था।

में : क्या हुआ इतना दर्द हो रहा है क्या तुम्हे।

अनु : तूने तो एक साथ ही पूरा लंड डाल दिया और पूछ रहा है, इतना दर्द हो रहा है तू थोड़ी देर रुक प्लीज मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

में : सॉरी मेरी जान में तुम्हे दर्द नहीं पहुँचाना चाहता था सॉरी।

अनु : तू सच में मेरे प्यार मे पागल हो गया है चल अब तू शुरू हो जा।

शायद में अनु के यही बोलने का वेट कर रहा था। अब मैने जोर के धक्के मारना शुरू कर दिए और अनु के बूब्स को भी काटे जा रहा था और लिप किस भी कर रहा था, में तो एक रास्ते के कुत्ते की तरह अनु को चोद रहा था।

अनु : सस्स्शहमाआ सूरज आज तुझे क्या हो गया है इतनी स्पीड मे क्यों चोद रहा है, नहीं सूरज इतना जोर से मत चोद प्लीज़ सस्स्शह तेरा लंड मेरी चूत के लास्ट तक लग रहा है, प्लीज़ इतने ज़ोर से मत छोड सस्शह.

में : जान तुम्हे में अपने बच्चे की माँ बनाऊँगा, बनोगी ना नहीं तो में और ज़ोर से चोदूंगा।

अनु : हाँ जान बनूंगी ना लेकिन तू प्लीज इतना ज़ोर से मत चोद। मैने स्पीड कम नहीं की थी, अब अनु का पानी निकलने वाला था, अनु ने अपने हाथ मेरी पीठ पर रखे और पैर मेरी गांड पर फोल्ड कर लिए थे और अपने हाथ मेरी गांड पर फैरने लगी थी अचानक अनु ने मेरी पीठ पकड़ ली, जब अनु का पानी निकलता है तो उसका फेस देखने लायक होता है वो अपनी आखे बंद कर लेती है और ऊपर की साइड सर करती है, अब अनु का पानी निकल गया दस मिनट हो गये थे लेकिन मेरा पानी ही नहीं निकल रहा था।

अनु : सूरज मेरी गांड मे बहुत खुजली हो रही प्लीज जल्दी से गांड मारो ना, मुझे अपना लंड चूत से निकालने के लिए मन नहीं कर रहा था, लेकिन मैने निकाला तो मेरा पूरा लंड लाल लाल हो गया था और अनु की चूत भी लाल हो गई थी। मैने अनु की चूत पर किस किया और अनु को तैयार होने के लिए कहा।

अब मैने अनु के पेट के नीचे एक तकिया रखा और अब अनु की गांड फैलने लगी थी और अब में गांड के होल पर किस करने लगा। अनु की गांड बड़ी होने के कारण मेरा मुहं अनु की गांड के बीच मे पूरा आ गया था।

में : जान गांड को अपने हाथ से फैलाओ ना, अनु ने अपने दोनो हाथो से अपनी गांड को फैलाया और में लंड हाथ मे पकड़ कर गांड के होल के पास घुमाने लगा।

अनु : परेशान मत करो प्लीज जल्दी डालो ना मैने थोड़ा लंड गांड के होल पर प्रेस किया और अनु से पूछा गया क्या?

अनु : हाँ और मैने फिर जोर से धक्के मारना शुरू कर दिया। मैने अनु के बूब्स ज़ोर से पकड़ लिये और धक्के मारने लगा। 30-35 धक्के मारने के बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था।

में : अब में क्या करूं वीर्य निकलने वाला है।

अनु : तू गांड मे ही डालना मुझे बहुत मज़ा आता है, अब मैने पूरा वीर्य अनु की गांड मे डाल दिया और साइड में गिर गया हम दस मिनट ऐसे ही पढ़े रहे और एक दूसरे को देखकर हंसने लगे।

अनु : सूरज तुझे क्या हो गया है, तू बहुत अग्रेसिव होता जा रहा है लेकिन मुझे बहुत मज़ा आया सच मे आज एक औरत होने का एहसास हो रहा है थेंक यू। अब हमने घड़ी के और देखा हमे बहुत टाइम हो गया था। हम शादी से 9.30 बजे निकले थे अब 11 बज रहे थे। हम दोनो ने जल्दी जल्दी कपडे पहने और गाड़ी में जाकर बैठ गये थे। हम दोनो ने फोन गाड़ी में ही रख दिए थे। मैने फोन मे देखा तो अमोल के 17 मिसकॉल थे। अब में घर से स्पीड मे निकला और शादी मे पहुँच गया। अब अमोल की मम्मी आराम से जाकर मेरी मम्मी के पास जाकर बैठ गयी थी। किसी को शक भी नहीं हुआ था और मैने अमोल को बताया की गाड़ी खराब हो गयी थी और फोन साइलेंट पर था तो पता ही नहीं चला। अमोल ने ड्रिंक की हुई थी इसलिए उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और अब हम खाना खाने लगे ।।

धन्यवाद …

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