भाभी और उनकी बेटी को चोदने का मौका मिल ही गया (Bhabhi aur uski beti ko chodne ka mauka mil hi gaya)

हैल्लो दोस्तो मेरा नाम अर्पित है और में अपनी पहली कहानी पेश करने जा रहा हूँ। अब तक मैने यहाँ पर बहुत हॉट, उत्तेजक और सेक्सी कहानियां पढ़ी जो मुझे बहुत पसंद आई है। इन सभी कहानियों को पढ़कर में अपने आप को रोक नहीं पाता हूँ और हर कभी मुठ मारने के लिए में बैचेन हो जाता हूँ। ये मेरी पहली कहानी है।
ये बात आज से दो साल पहले की है, जब में एक मकान मे किराए से रहता था। में अपने पापा के दोस्त के यहाँ किराए पर रूम लेकर रहता था, वो मकान मालिक पापा के बहुत अच्छे दोस्त है और उनकी कपड़े की एक बहुत बड़ी दुकान है और आंटी एक सरकारी स्कूल मे टीचर थी उनके दो लड़कियां और एक लड़का था। बड़े लड़के और बड़ी लड़की की शादी हो चुकी थी और दूसरी लड़की की अभी उम्र 21 साल की थी और वो मेरे पास मेथ्स और साइन्स पढ़ने आती रहती थी।
वो दिखने में बहुत ही सुंदर थी और उसके बहुत बड़े बड़े बूब्स 28, 24, 32, थे। वो मुझे भैया कहकर ही बुलाती थी। उस समय उसकी उम्र बीस साल की थी और उसके बूब्स का आकार अब बढ़ रहा था, वो जवानी की पहली स्टेज पर थी और उसकी खूबसूरती बहुत बढ़ गई थी। अब पिछले एक हफ्ते से में देख रहा था कि जब वो आती थी, तो वो मेरे पास बहुत एक्सपोज़ करती थी। कभी बहुत झुक कर अपने गुलाबी बूब्स की झलक दिखाती थी, तो कभी बहुत छोटी स्कर्ट पहनकर अपनी टांगो का ऊपरी हिस्सा दिखाती थी।
अब उसे जब भी मेरे पास आने का मौका मिलता था, तो मुझसे चिपकती रहती थी, जबकी वो मुझे भैया कहती थी और इसीलिए कभी मैने ग़लत नहीं किया था। लेकिन पिछले कई दिनो से वो कुछ ज़्यादा ही कर रही थी, जिसे देख कर मेरा भी मन उसके नंगे बड़े बड़े बूब्स को देखने को मचल उठता था और तभी मेरा लंड खड़ा हो जाता था। अब एक दिन वो मेरे पास आसमानी कलर की टी-शर्ट और मिनी स्कर्ट मे आई और मुझसे गणित के सवाल पूछने के लिए। अब में लेपटॉप पर पर गाने सुन रहा था और केवल हाफ लोवर और बनियान मे था और उस समय दोपहर के एक बज रहे थे। अब मैने उसे देखा और उठकर खड़ा हुआ और मैने उसे बैठने को कहा।
अब वो बार बार मेरे लोवर की तरफ घूरकर देख रही थी, कि तभी वो कहने लगी कि भैया ये वाला सवाल बताओ, मुझे इसमे सीन की वेल्यू नहीं आ रही है। अब मैंने कहा हाँ बताता हूँ अब मेरा ध्यान उसकी टी-शर्ट पर था, उसने अंदर कुछ नहीं पहना था। इसलिए उसके बूब्स आधे दिख रहे थे। अब मेरा मन उसके बूब्स के निप्पल को देखने को कर रहा था। इसीलिए मैने उसे अपने बिस्तर पर बैठने को कहा और में खुद कुर्सी पर बैठ कर सवाल हल करने लगा था और अब वो झुककर सवाल समझने मे लगी हुई थी।
अब में बीच बीच मे उसकी टी-शर्ट के अंदर झाँक लेता अब मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो गया था और अब में अपने हाथ से उसे कंट्रोल कर रहा था। लेकिन अब वो मुझे देखकर मुस्कुराने लगी और अब वो कहने लगी कि भैया एक बार अपना वो मुझे दिखाओ ना प्लीज़, मैने कभी भी किसी लड़के का नहीं देखा है। अब में ये सुनकर चौक सा गया था, क्या मतलब क्या दिखाऊँ? तभी वो कहने लगी कि भैया प्लीज़ में आपका लंड देखना चाहती हूँ। मैने कभी भी किसी लड़के का रियल मे नहीं देखा है, अब वो उठकर खड़ी हुई और मेरा हाथ पकड़ कर बोली। अब में कहने लगा कि क्या तुम लंड देखोगी, लेकिन क्यों? तुम अभी बहुत छोटी हो, तभी वो कहने लगी कि नहीं भैया दिखा दो में कभी भी किसी से कुछ नहीं कहूँगी प्लीज़, आप मेरी भी देख लो, अब मेरे मन मे उसे देखने की इच्छा पहले से ही थी, लेकिन हमेशा डर लगता था, कि कहीं वो कभी किसी से कुछ कह ना दे, लेकिन आज वो खुद कह रही थी, कि किसी को नहीं बताएगी और तभी मैने दरवाजा बंद किया खिड़की के पर्दे गिरा दिए, अब मैने कहा लेकिन तुम लंड देखकर उसका करोगी क्या?
तभी वो कहने लगी कि लंड पकड़ने मे मुझे बहुत मज़ा आता है और में चौक गया, उसने तभी ऐसा बताया कि हाँ लेकिन भैया आप किसी को बताना नहीं प्लीज़। ठीक है, मतलब ये सभी बाते तुम्हे भाभी बताती है, हाँ भैया वो मेरी चूत चाटती है और मेरी गांड और चूत मे उंगली करती है और मुझे बहुत मज़ा आता है, हम दोनो अक्सर ऐसा करते है। में उनकी भी चाटती हूँ और भाभी ने बताया था कि जब तुम एक लड़के के साथ उसका लंड पकड़ोगी और अपनी चूत चटवावोगी तो और मज़ा आएगा और बताती है कि वो और भैया रोज रात को कैसे कैसे करते है, अब तो ये बाते है और कुछ बताया है तुम्हे, बस एक फिल्म देखी है जिसमे ये सब होता है।
अब मुझे सारी बात समझ मे आने लगी थी कि क्यों वो इतना एक्सपोज़ करती थी और लंड क्यों देखना चाहती है। अब में भी ये सुनहरा मौका जाने नहीं दूँगा। आज तक मैने भी तो रियल मे ना कभी चूत देखी थी और ना ही कभी किसी की चुदाई की थी लेकिन आज दोनो करने का मौका था मेरे पास। ठीक है सोनी चलो में तुम्हे अपना लंड दिखाता हूँ, इसे तुम खुद अपने हाथ से पकड़ना, अब मैने सोनी को नीचे जमीन पर बैठने को कहा और उसका हाथ पकड़ कर अपने लोवर पर रख दिया था, अब वो मेरा लोवर नीचे सरका रही थी और मेरे अंडरवियर पर अपना हाथ रखा में सहम सा गया था। अब मेरा लंड उसकी पूरी आगोश में था, अब उसने मेरी अंडरवियर मे हाथ डाला और लंड को अपनी मुठ्ठी मे लेकर अंडरवियर सरकाते हुए लंड को बाहर निकाला, अब में उसके बालो पर हाथ फेर रहा था। अब मैने पूछा कि मेरा लंड कैसा है? वाऊ बहुत बड़ा, मौटा मैंने पहली बार किसी लंड को अपने हाथो मे लिया है। अब मैने अपने लंड को हिलाते हुए कहा ये चमड़ी को हिलाओ और पीछे तक ले जाओ और फिर एकदम आगे मुहं तक ऐसा करो, अहह ऐसा करने से आप लोगो को बहुत मज़ा आता है ना? वैसा ही जैसा हमे उंगली करने पर आता है। हाँ बिल्कुल अहहाः तुम तो बहुत कुछ जानती हो, अब वो मेरा लंड हिला रही थी। अब मेरी आँखे बंद हो रही थी, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, पहली बार कोई लड़की मुठ मार रही है।
अह्ह्ह्ह भाभी ने बहुत कुछ बतलाया है फिल्म मे भी दिखाया है, अब वो तुम यहाँ पर करो अब वो ज़ोर ज़ोर से लंड को हिलाने लगी थी, अह्ह्ह्हह बस करो मेरी जान वरना वीर्य गिर जाएगा। अब मैने उसके हाथ को पकड़ कर रोक लिया था और उसे खड़ा करके उसकी गर्दन को चूमने लगा था, अब अपने हाथो से उसकी पीठ सहलाते हुए मैने उसे बिस्तर पर धकेल दिया था और में उसके होठो को चूमने लगा था और अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी हम दोनो की जीभ जब एक दूसरे से टकराती तो पूरे शरीर मे कंटक सा दौड़ जाता था।
अब में धीरे धीरे उसकी गर्दन फिर उसकी चूचियों तक अपनी जीभ से चाटने लगा था, तभी मैने अपना एक हाथ उसकी टी-शर्ट के अंदर डालकर सहलाने लगा था और धीरे धीरे उसकी चूचियों को अपने हाथ से रगड़ने लगा था। आअहह उम्मह भैया गुदगुदी सी लग रही है हाथ निकालो ना बाहर, उूउउइ अब मैने हाथ को बाहर निकाल कर उसकी टी-शर्ट निकाल दी वो केवल मिनी स्कर्ट मे थी, अब में उसके चूचियों को अपनी जीभ से चाट रहा था और अब वो एकदम कामुक हो रही थी, तभी मैने हल्के हाथो से उसके निप्पल को छुआ था और अपनी जीभ से निप्पल को चाटने लगा था, वो अब मदहोश हो रही थी और मेरी गांड के ऊपर अपना हाथ फैर रही थी। अब मेरा लंड एकदम टाईट था और उसने एक हाथ से उसे पकड़ रखा था, अब मैने धीरे धीरे अपनी जीभ को उसके पेट के पास घुमाया और कमर के नीचे उसकी स्कर्ट के अंदर हाथ डाल दिया था। लेकिन वो हिचक सी गयी थी। मैने उसकी चूत पर हाथ फेरा और फिर उसकी चूत की दरारो मे एक उंगली से रगड़ने लगा था, अब उसकी चूत बहुत गीली हो रही थी।
तभी वो कहने लगी कि भैया आपके हाथो मे तो जादू है। आपके हाथ तो बहुत मुलायम है, अब में पूरे जोश मे अपनी उंगली तेज़ी से चूत में डालने लगा था और वो आहे भरने लगी थी, अब मैने उसकी स्कर्ट भी उतार दी थी और पेंटी को नीचे सरका दिया था, अब हम दोनो एकदम नंगे थे। मैने उसे कुतिया की तरह चार पैरो पर बैठाया था, में अब उसकी गांड पर हाथ फैरने लगा था, तभी मैने उसकी गांड के छेद को फैलाया मुझे लग रहा था, कि अब मेरा लंड ज़्यादा इंतजार नहीं कर पाएगा वो झड़ जाएगा। इसीलिए मैने बिना देर लगाए अपने लंड को उसकी चूत की दरारो मे रगड़ने लगा था।
अब उसके मुहं से आह्ह्ह कि आवाज़ आ रही थी, तभी मैने अपने हाथो से उसकी चूत को फैलाया और अपना लंड चूत के मुहं पर टिकाया फिर अपने हाथो को उसकी चूचियों पर रखकर धक्का लगाया लंड चूत मे खसक गया था, अब वो सहम सी गयी थी, मैने फिर से अब अपने हाथ से लंड को चूत पर रखा और जोर से एक धक्का लगाया था। अब लंड का मुहं ही अंदर घुसा था कि वो चीख उठी आह माअअअ मरी रूको प्लीज भैया आहा आअहह और अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर रोकने लगी थी। अब में भी डर गया था पता नहीं पहली बार है कितना खून आएगा? वो किसी से कह तो नहीं देगी? और अब में रुक गया था। वो अपनी चूत पर हाथ रख कर बोली बहुत तेज दर्द हो रहा है और अंदर चुभन सी महसूस हो रही है। तभी मैने उसके पैरो को फैलाया और अपना मुहं चूत के पास लाया और अपनी जीभ से गुदगुदी करने लगा था अब वो धीरे धीरे शांत हुई थी।
तभी मैने उसे फिर से ट्राई करने को बोला, सोनिया भी ठीक है ना तुम डरो मत में एक बार फिर से अंदर डालकर देखता हूँ। तभी वो बोली नहीं भैया बहुत दर्द होगा प्लीज़ कहीं कुछ हो ना जाए, में भाभी से ठीक से पूछ लूँ, तभी फिर से ट्राई करेंगे ठीक है। लेकिन अब मेरा मन उसके साथ ज़बरदस्ती चोदने को कर रहा था। लेकिन डर था वो बहुत सीधी लड़की है कहीं किसी को सबकुछ ना बता दे। अब में कहने लगा कि लेकिन तुमने मेरे लंड को खड़ा करवा दिया है, अब इसे बैठा दो, बैठा दूँ लेकिन वो कैसे? अब मैने उसे कहा कि इसका वीर्य गिराकर, अब तुम अपने हाथो से लंड को हिलाओ, अब वो कहने लगी कि ठीक है भैया अब वो मेरा लंड पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी थी।
तभी मैने कहा तुम इसे अपने मुहं मे डाल कर देखो तो? अब वो हल्की सी जीभ निकालकर पहले छूती फिर हल्का हल्का अंदर मुहं मे ले जाकर अंदर बाहर करने लगी थी, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। में कभी उसकी चूत तो कभी उसकी गांड पर हाथ से सहला रहा था। अब वो उसकी गांड के छेद हल्के हल्के फैला रही थी। अब मुझे जोश आने लगा था, तभी मैने सोनी से कहा कि चूत मे अंदर तो नहीं गया लेकिन एक बार गांड मे डाल कर देखूं क्या?
तभी उसने कहा कि नहीं भैया दर्द होगा, अब में सोनी एक बार ट्राई तो करने दो ना? और तभी मैने उसे झुकाया उसकी गांड की दरारो पर थूक लगाया फिर लंड को रख कर एक जोर का धक्का लगाया। लंड अंदर घुस नहीं रहा था, लेकिन में वहीं पर उसकी दरारो मे रगड़ रहा था। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था में उसकी दोनो चूचियों को हाथ से मसल कर अपना लंड रगड़ रहा था, तभी अचानक मेरी आँख बंद हुई और मुझे परम आनंद मिला। अब मेरा लंड अपना वीर्य उसकी गांड मे छोड़ रहा था, तभी में रुक गया था और वो अपने हाथ से चिपचिपे वीर्य को टच कर रही थी और बोली क्या हुआ भैया आप तो बड़ी जल्दी झड़ गये है।
तभी मैने सर हिलाया और अंदर जाकर किचन से बोतल मे पानी लाया था और उसे पीने के लिए दिया और उसकी चूत चाटने की वजह से मुहं मे अजीब सा स्वाद आ रहा था और तभी सोनी उठी मैने उसे तौलिया दिया वो अपना बदन साफ करके बोली भैया मज़ा तो आया लेकिन तुम अगली बार भाभी के सामने मेरी चूत मे लंड डालना ताकि कुछ होने पर वो मेरी मदद करे। मैने हाँ मे सर हिलाया और सोनी से बोला देखो अगली बार जब तुम और भाभी आपस मे सेक्स करो तो खिड़की का दरवाजा पूरा बंद मत करना, में भी देखना चाहता हूँ की तुम दोनो क्या क्या करती हो?
अब वो कहने लगी कि ठीक है भैया उसने कहा और वो अपने कपड़े पहन कर जाने लगी थी। अब मैने दरवाजा बंद किया फिर मुहं मे पानी से कुल्ला किया और मुझे समझ मे नहीं आ रहा था कि इतनी सुंदर लड़की की चूत का स्वाद इतना गंदा क्यों था। अगले दिन मुझे सोनी का इंतजार था। उसने सुबह बताया कि आज वो स्कूल नहीं जा रही है और भाभी के साथ सबके जाने के बाद सेक्स करेगी, मैने उसे खिड़की पूरी बंद नहीं करने को कहा था ताकि अंदर क्या होगा में देख लूँ। अभी में ऊपर के रूम मे रहता था, सुबह के 10:30 बज चुके थे, अब नीचे चहल पहल कम हो गयी थी ऐसा लगने लगा था कि सभी लोग अपने अपने काम पर जा चुके है। अब केवल भाभी और सोनी ही बची होगी, अब में भी तुरंत कपड़े पहन कर नीचे चला गया था, अब मैने गैलेरी से भाभी का कमरा बंद देखा तो मुझे लगा कि में सही टाइम पर आया हूँ।
अब में धीरे धीरे दबे पैर से खिड़की के पास आ गया लेकिन अब सोनी ने खिड़की का लॉक नहीं लगाया था, तभी मैने हल्की सी खिड़की खोली और अंदर झाँक कर देखा तो सामने टीवी पर शायद ब्लू फिल्म चल रही थी, क्योकि टीवी की आवाज़ एकदम कम थी और अब नीचे चटाई पर भाभी और सोनी केवल पेंटी में लेटी हुई थी। भाभी अपने हाथो से सोनी कि मालिश कर रही थी, उसकी चूची को दबा रही थी और पेंटी के अंदर हाथ डालकर चूत पर तेल से मालिश कर रही थी। अब सोनी हल्की हल्की आवाज़ निकाल रही थी जो कि उसके मुहं को देखकर पता चल रहा था। अब मेरा लंड भी खड़ा होने लगा था अब भाभी सोनी के बूब्स को गोल गोल घुमा कर तेल लगा रही और हल्का हल्का दबाती भी रही थी, तभी भाभी ने सोनी को उठाया और खुद लेट गई थी।
अब सोनी उनके पेट को सहला रही थी और फिर अपनी चूचियों को भाभी की चूचियों से सटाया और रगड़ने लगी थी, भाभी अपनी जीभ से सोनी के होंठ चाटने लगी थी, अब दोनो एक दूसरे के मुहं मे मुहं डालकर चूसने लगी थी, अब मुझे ये सब देखकर बहुत मज़ा आ रहा था। तभी भाभी ने अपने हाथ को सोनी की पीठ पर रखा और उसकी गांड के पास ले जाकर गांड को दबाने लगी। अब दोनो एकदम मस्ती मे थी। अब भाभी सोनी की गांड की फांको को अपने हाथ से हिलाने लगी थी और सोनी अपनी चूची को तेज़ी से रगड़ने लगी थी।
फिर कुछ देर बाद भाभी उठी और सोनी को उल्टा लेटाया उसकी टांगे फैलाई फिर तेल लेकर उसके पूरे पिछले हिस्से पर मालिश की फिर अब उसकी उसकी गांड दबाई और उसकी गांड पर अपनी चूत रगड़ने लगी थी, अब भाभी ने सोनी को कुतीया की तरह चारों पैरो पर बैठाया और सोनी की कमर को उठा दिया था, अब सोनी ने घुटनो के बल होकर अपनी गांड उठा दी थी।
अब भाभी उसकी गांड पर हाथ फैरने लगी और फिर अब उसकी गांड को फैलाया फिर उसकी गांड पर थूक दिया और उसकी गांड के छेद को चाटने लगी थी। अब मुझे ये सब देख कर जोश आने लगा था, तभी अपने आप ही मेरा हाथ लंड को सहलाने लगा था। अब सोनी की गांड को पूरी तरह चाटने के बाद भाभी ने अपनी एक उंगली उसकी गांड मे डालने लगी, तभी सोनी चीखने लगी थी और भाभी का हाथ पकड़ लिया था। अब भाभी ने यही काम उसकी चूत के साथ किया पैर फैला कर चूत पर थूक कर उसे चाटने लगी थी। अब मुझे सोनी की चूत का स्वाद याद आया अब में सोचने लगा था कि पता नहीं कैसे भाभी उसे चाट रही है। अब सोनी मचलने लगी थी, अपने पैर ऊपर नीचे करने लगी थी और भाभी का सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी थी।
बस अब बहुत है प्लीज़ में झड़ जाउंगी और फिर वो शांत हो गयी थी, अब लगता था कि वो झड़ गयी थी और तभी भाभी लेट गयी और सोनी ने उनके पैर फैला कर अपना मुहं उनकी चूत पर रख दिया था और चाटने लगी थी, भाभी उसका सर पकड़ कर उसके मुहं को अपनी चूत पर तेज़ी से रगड़ने लगी थी। सोनी उनकी चूत मे तेज़ी से उंगली करती और जीभ से उनकी फुद्दी को रगड़ रही थी। अब भाभी ने सोनी को रोका और 69 पोज़िशन मे सोनी को लिया मतलब अब सोनी की चूत भाभी के मुहं पर थी और भाभी की सोनी के मुहं पर दोनो चूत चूसने मे मस्त थी। तभी भाभी चूत के साथ साथ अब उंगली उसकी गांड मे भी डाल देती थी, जिससे सोनी सहम सी जाती थी।
अब थोड़ी देर बाद वो दोनो उठी और एक दूसरे के पेट पर अपने पैर रख दिये थे, अब सोनी भाभी के पैरो के बीच मे अपने पैरों को डाला और अब उन दोनो की चूत आपस मे चिपक सी गई थी, फिर दोनो हिलने लगी जिसकी वजह से चूत आपस मे रगड़ने लगी थी। अब दोनो की आँखे लगभग बंद सी थी, कमरे मे पंखे और टीवी चलने की वजह से मुझे उनकी आहे सुनाई नहीं दे रही थी, लेकिन चेहरे को देख कर लग रहा था कि अहह जैसी आवाज़े आ रही होंगी।
अब मेरा हाथ अपने लंड को हिलाने लगा था, ये सब देख कर अब मुझसे रहा नहीं गया और फिर में भी कमरे के अंदर चला गया था। तभी मुझे ऐसे देखकर वो दोनों चोक गई थी। अब मैने उन्हें कहा कि में भी अब नहीं रह सकता हूँ, तभी सोनी ने सब कुछ भाभी को बता दिया था और अब मुझे मौका मिल गया था, उनकी चूत चोदने का, तभी में भाभी के पास गया और भाभी के बूब्स दबाने लगा था, लेकिन भाभी ने कुछ भी नहीं कहा और अब सोनी ये सब देख रही थी। तभी मैने सोनी को कहा कि तुम बस अभी देखो हम दोनों आज क्या करते है और तभी मैने जल्दी से अपने लंड को हाथ से पकड़ कर भाभी की चूत के मुहं पर रखकर रगड़ा और मौका देखकर चूत के अंदर डाल दिया।
लंड चूत मे एक बार मे ही समा गया था क्योंकि भाभी कि चूत बहुत चौड़ी थी, अब में जोर जोर से धक्के दे रहा था, लेकिन भाभी की चूत मे कोई भी फर्क नहीं पड़ा था। अब हमे देखकर सोनी से रहा नहीं गया और वो भी पास आ गई और भाभी के बूब्स को दबाने लगी थी और अब करीब दस मिनट बाद भाभी झड़ गई थी और में भी पांच मिनट बाद झड़ गया था। तभी सोनी ने लंड को जल्दी से चूत से बाहर निकाल कर मुहं में लिया और पूरा का पूरा लंड चाट कर साफ किया था। तभी सोनी ने लंड चाटने की स्पीड बड़ा दी और कुछ देर बाद वो भी झड़ गई थी। लेकिन अब उसने लंड को चाटकर फिर से खड़ा कर दिया था और अब चुदने के लिये तैयार हो गई थी और तभी मैने उसे लेटाया और उसकी चूत में लंड डालने की कोशिश की लेकिन लंड अंदर नहीं जा रहा था। अब भाभी ने तेल लिया और कहा कि चूत और लंड पर लगाओ। अब सोनी ने चूत और लंड दोनों पर तेल लगाया और कहा कि डाल दो आज इसे, चूत मे फाड़ दो आज, तभी मैने पूरे जोश से लंड को चूत के मुहं पर रखकर एक जोर का धक्का दिया और लंड चूत मे चला गया था।
लेकिन सोनी के मुहं से एक जोर की चीख निकाल गई म्रीईईई प्लीज निकालो बाहर मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन में एक धक्के के बाद शांत हो गया था और अपने एक हाथ से उसके बूब्स को सहला रहा था और भाभी उसकी गांड को सहला रही थी। फिर कुछ देर बाद वो शांत हो गई थी। मैने अब लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू किया और उसकी चूत चोदी। वो अब शांत थी और लंड ले रही थी। अब मैने बहुत ही धीरे धीरे चुदाई की क्योंकि अब उसकी चूत से खून भी आने लगा था। करीब बीस मिनट बाद में उसकी चूत मे ही झड़ गया था और उसके ऊपर ही लेट गया था। वो आज इस चुदाई से बहुत खुश थी। अब मैने लंड चूत से बाहर निकाला, अब सोनी लंड को चाट रही थी और लंड को साफ किया था। तभी हम तीनो ने अपने अपने कपड़े पहने और बाते करने लगे थे।
दोस्तों इस चुदाई के बाद हमे जब कभी भी मौका मिलता हम चुदाई में लगे रहते और हम तीनो ने बहुत मजे लिये थे ।।
धन्यवाद …

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