आंटी चुदी अपने पति के फ्रेंड से

प्रेषक : सुमित

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम पंकज है, में 22 साल का हूँ। दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है। बात एक साल पुरानी है, ये कहानी मेरे बगल वाले अंकल की बीवी और उनके एक फ्रेंड की है। सबसे पहले सभी लोगो को मुझे यह कहना है कि अगर कोई गलती हो तो माफ़ करना। एक दिन यहाँ पर बहुत बरसात हो रही थी तो में घर के सेकेंड फ्लोर पर खड़ा था। मेरा घर थ्री फ्लोर का है। मेरे बगल वाला बुलिंग टू फ्लोर का है, मेरे घर की बालकनी में पूरा ग्लास लगा हुआ है, जिससे में दूसरी साइड देख सकता हूं, लेकिन बारिश नहीं रुकी थी तो में वहाँ खड़ा होकर बारिश देख रहा था। तभी मुझे कुछ आवाज़ आई में साइड मे ग्लास के पास खड़ा होकर दूसरी बिल्डिंग में देखने लगा।

तभी मैने देखा कि मेरे बगल वाली आंटी भाग कर आई बारिश बहुत तेज थी, में सोचने लगा कि ये क्यों इतनी बारिश मे ऊपर आई तभी मैने देखा कि उसके पति का फ्रेंड ऊपर आया और उसको दीवार की तरफ धक्का मारा और उसको लिप किस करने लगा। अब में शॉक हो गया और वो औरत हँसने लगी और नीचे भागने लगी। तभी उसने आंटी को फिर पकड़ लिया और बोला कि क्या हुआ, अब बोली कल रात में तुझे आने को बोली थी, तभी वो बोला मुझे काम था सो में नहीं आया वो बोली कल रात मुझे नींद नहीं आ रही थी मन कर रहा था कि में तेरा लंड काट के अपने पास रख लूँ, जब मन करे घुसा लूँ, फिर वो उसको सॉरी बोलने लगा।

तभी आंटी बोली चल नीचे, लेकिन वो बोला नहीं मुझे यही करना है। आंटी बोली पागल हो क्या, तभी वो बोला कुछ नहीं होगा अभी बारिश है तो सभी लोग अंदर हैं, यह बोलकर उसने उसकी साड़ी का पल्लू खीच दिया था और आंटी इधर उधर दो मिनट तक देखती रही और अपनी साड़ी उसको देकर भाग गयी। अब नीचे मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था। अब आंटी के पीछे अंकल भी चल गये मुझे लगा था कि उनका काम खत्म हो गया है, लेकिन फिर पांच मिनट बाद आंटी ऊपर आई और बोली खुश हो ना अब करो ना प्लीज़, उसने अपनी पेंट का बटन खोल दिया और आंटी को धक्का मारकर गिरा दिया और अब आंटी ने उनकी पेंट की ज़िप खोल दी और अब उसका लंड चूसने लगी और काटने लगी थी।

सुरेश : साली धीरे धीरे कर काट क्यों रही है रंडी।

हीना : मुझे काटना है प्लीज़।

सुरेश : अगर काटेगी तो में घर पर चला, तू रात भर अपनी चूत खुज़ला।

हीना : नहीं नहीं तुम ऐसा मत करो बोल कर लंड को चूसने लगी। कुछ देर बाद सुरेश ने उसका ब्लाउज उतारा और आंटी की वाईट ब्रा के ऊपर से चूसने लगा था और फिर आंटी की ब्रा भी उतार दी और उसके बूब्स को जोर से चूसने लगा था अब सुरेश ने सिर्फ़ बनियान पहनी थी और आंटी लहंगा और पेंटी मे थी।

अब सुरेश आंटी के लहंगे में घुस गया और करीब पांच मिनट बाद आंटी की पेंटी खोलते हुआ बाहर आया और फिर आंटी को एक थप्पड़ मारा और बोला रांड तू बाल साफ कब करेगी अगर ऐसा दुबारा हुआ तो में नहीं चोदूंगा और फिर लहंगे में घुस गया फिर दस मिनट बाद हीना बोली मुझे जल्दी से चोदो मुझसे अब नहीं रहा जाता, तभी उसने हीना का बारिश मे लहंगा ऊपर किया और अपना बनियान ऊपर करके अपने लंड पर कंडोम लगा रहा था और हीना ने उसके हाथ से कंडोम लेकर खुद ही अपने हाथ से उसके लंड को कंडोम पहनाने लगी थी और फिर से अपने ल़हेंगे को ऊपर करके लेट गयी, अब सुरेश उसकी चूत में अपना लंड घुसा रहा था और आंटी बोल रही थी कि स्पीड से कर तेज स्पीड से कर और अब उसने अपनी स्पीड ओर बड़ा दी ओर चोदे जा रहा था। आंटी पड़ी पूरे मजे से चुदवा रही थी। अब करीब दस मिनट के बाद उसके लंड ने वीर्य छोड़ दिया था, तभी आंटी बहुत गुस्सा होकर उसको धक्का दे रही थी, तभी वो बोला कि रुक रंडी रुक और नीचे गया आंटी नंगी वहीं पर पड़ी थी, अब वो एक बोतल पानी लाया और कुछ टेबलेट खाने लगा और फिर उसका लंडा खड़ा हो गया। अब फिर से उसने अपने लंड को चूत के मुहं पर रखा और एक बार मे ही पूरा लंड चूत मे डाल दिया और अब वो फिर ज़ोर ज़ोर से धक्का मारकर चोदने लगा था।

अब दस मिनट बाद फिर से उसके लंड ने वीर्य निकाल दिया था, इस बीच आंटी भी एक बार अपना पानी छोड़ चुकी थी। अब वो फिर पाँच मिनट तक किस करता रहा, फिर आंटी को धक्का मारने लगा करीब पांच मिनट बाद आंटी बोली बस मुझे और नहीं चाहिए। तभी वो खड़ा हुआ और आंटी को दो लात मारी, अब आंटी रोने लगी थी, तभी वो बोला साली चुपचाप चुद और फिर चोदने लगा था। में ये देखकर शॉक हो गया। कुछ देर बाद हीना का पति ऊपर आया और बोला साली और कब तब चुदवाएगी, अब उसके पीछे सुरेश की बीवी आई और हँसते हुए हीना के बूब्स को दबाने लगी थी।

सुरेश : बहुत मज़ा आ रहा है ना।

हीना : बस करो ना प्लीज़।

सुरेश की वाईफ : देख एक मेरा पति है तुझे जी भरके रोज चोदता है और एक तेरा पति तुझे कभी कभी चोदता है।

हीना : तेरा जी नहीं भरा क्या?

सुरेश की वाइफ : नहीं यार।

हीना : तो सुरेश इसको चोदो ना।

सुरेश : अभी भाग कुतिया कल चोदुंगा बोला और अब कंडोम भी खत्म है।

सुरेश की वाईफ : रुको नीचे है में लेकर आती हूँ और वो नीचे से कंडोम लाई।

अब सुरेश ने उसको लगाया और अपनी बीवी की साड़ी को उठाया और वो पेंटी नहीं पहनी हुई थी सो उसे वहीं पर चोदने लगा और सुरेश की बीवी अपनी चूत को रगड़ रही थी और लेट रही थी फिर कुछ देर बाद अपने पति को कहा कि आओ चोदो ना तुम अब मुझे, वो लूँगी पहने हुए था, अब उसने अपनी लूँगी खोली और उसने अपने हाथ से लंड को पकड़ कर चूत पर रगड़ना शुरू किया।

अब सुरेश की बीवी दोनों पैरो को फैला कर पड़ी रही तभी उसने अपने लंड को चूत के मुहं पर रखकर एक ही धक्के मे पूरा का पूरा लंड एक बार मे चूत की गहराइयों मे डाल दिया और अब उसके मुहं से एक चीख निकल पड़ी आह्ह में मरी चोदो और जोर से चोदो। अब वो जोर जोर के धक्को के साथ चोदने लगा और अब बारिश भी रुक चुकी थी, वो अब एक हाथ से उसके बूब्स को भी दबाने लगा, अब करीब बीस मिनट बाद वो झड़ गया और पूरा वीर्य चूत मे ही डाल दिया। तभी कुछ देर बाद सभी लोग नीचे चले गये।

मैने अब टाईम देखा तो 11 बज रहे थे, अब में बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा और फिर जाकर सो गया। अगले दिन में रात को फिर बालकनी में गया वो लोग फिर से चुदाई मे लगे हुए थे। उन लोगो का ये रोज का काम बन गया था और में उन्हें देखकर मजे लेता रहा ।।

धन्यवाद …

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