पति के दोस्त ने मुझे बीवी बना लिया

मेरा नाम सोनाली हैं और मैं हिंदी पोर्न स्टोरीस के प्लेटफोर्म पर अभी नयी हूँ. आज मैं आप को अपने एक सेक्सी अनुभव के बारे में बताने के लिए आई हूँ. ये मेरे साथ हुए एक सुखद अनुभव की शाब्दिक कहानी हैं. ये अनुभव मुझे अभी कुछ महीनो पहले हुआ था. मैं एक गोरी और सुंदर औरत हूँ और मेरी बॉडी भी काफी सेक्सी हैं. मेरी फिगर के बाप 36 26 38 हैं.

मेरा पति एक बड़ा ही बीजी आदमी हैं जो अक्सर अपने पैसे और बिजनेश के लिए ट्रावेल करता रहता हैं. मैं अक्सर अपने बड़े से घर में अकेली रहती हूँ. और मेरे लिए ये शहर भी पराया सा ही हैं. शादी को अभी उतना समय नहीं हुआ हे की बहुत सब लोगों से मेरी पहचान हो. एक दिन मेरे पति के एक दोस्त विनीत ने मुझे कॉल किया और बोले की क्या मैं उन को डिनर के लिए ज्वाइन कर सकती हूँ. मैं भी बोर हो रही थी तो मना नहीं किया.

मैं रेडी हो के उनके साथ डिनर के लिए चली गई. मेरे पति तो टूर पर ही थे. मैंने एक शोर्ट सफ़ेद ड्रेस और हाई हिल्स पहनी हुई थी. और मैं जानती हूँ की उसमे मैं बड़ी ही सेक्सी लग रही थी. विनीत मुझे घर पर अपनी कार में लेने के लिए आये और फिर हम होटल के लिए निकल गए.

हमने बड़ा ही बढ़िया डिनर किया. और फिर उसने मुझे कहा क्या मैं ड्राइव पर जाना चाहती हूँ? मैंने मना कर दिया पोलाइट हो के और कहा की नहीं अब सिधे घर को ही जायेंगे. पहले विनीत ने थोडा इंसिस्ट किया लेकिन फिर बोले चलो ठीक हैं घर ही चलते हैं. वो दिन बरसातो के थे और एकदम से ही बारिश चालु हो गई. हम एक सुनसान सडक से हो के मेरे घर के लिए जा रहे थे.

और अचानाक चीईईईई की आवाज से कार रुक गई. पहले तो मुझे लगा की शायद कार खराब हो गई थी. लेकिन मैं नहीं जानती थी की आज मेरी लाइफ का सब से सुखद अनुभव मेरे लिए वेट कर रहा था. विनीत मेरी तरफ बढे और मेरी सिट को पीछे की तरफ रिक्लाइन कर दी. कार की सिट ऑलमोस्ट फ्लेट पोजीशन में थी और मैंने अभी भी सिट बेल्ट बाँधी हुई थी.

मैं थोड़ी शोक और कन्फ्यूज दोनों थी की ये हो क्या रहा हैं. लेकिन मैंने फिर देखा की विनीत ने अपनी जेकेट को निकाल दी थी और वो मेरे एकदम क्लोज हो के मुझे किस करने लगा. मैंने थोडा रेसिस्ट किया लेकिन वो एकदम पेशन के साथ मुझे किस करता रहा. मैं उसे पुश करना चाहती थी लेकिन वो मेरे से काफी मजबूत था इसलिए कुछ कर ही ना सकी मैं. मैं पंछी के जैसे पिंजरे वाली हालत में थी. और मैं जानती थी की आज विनीत मुझे चोद के ही छोड़ेगा. मैं ये भी जानती थी की मैं विरोध करुँगी तो भी लंड लुंगी और अगर उसे आराम से करने दूंगी तो खुद भी एन्जॉय करुँगी!

तो मैंने सोचा की मजे ले के ही कर लेती हूँ! मैंने विरोध करना बंद कर दिया और विनीत को किस करने दिया. वो खुद भी चौंक पड़ा था मेरे इस रवैये से. वो रुक के मेरे फेस को देखने लगा. और उसके चहरे के ऊपर शैतानी स्माइल आई थी. जैसे उसने कोई पहाड़ सर पर उठा लिया हो. उसने फिर मेरी ड्रेस की जिप खोली और ड्रेस को निकाल दिया. उसने मेरी ब्रा पेंटी को ध्यान से देखा. और फिर ब्रा को अनहुक किया. और मेरे 36 इंच के बड़े ज्युसी बूब्स को अपने हाथ में ले के दबाने लगा. और फिर वो मेरी खड़ी हुई निपल्स को अपने मुहं में भर के चूसने लगा. और दुसरे मम्मे को वो हाथ से मसल रहा था.

और फिर ऐसे मस्ती मारते हुए उसका दूसरा हाथ धीरे से निचे गया. उसने पेंटी के अन्दर हाथ कर के मेरी चूत के ऊपर फिंगर की और मैं प्लीजर की वजह से एकदम मोअन कर बैठी. मुझे ऐसे सेक्स अनुभव कभी नहीं मिले थे अपने पति से इसलिए मैं और भी उत्तेजित हो चुकी थी. काफी दिनों से पति ने चोदा भी नहीं था इसलिए मैं भी रेडी जल्दी ही हो चुकी थी.

उसने फिर मेरी चूत को मलते हुए धीरे से मेरे कान में कहा की तू बड़ी ही सेक्सी छिनाल हैं जो पति के दोस्त के साथ सम्भोग एन्जॉय कर रही हैं. और उसके शब्द उस वक्त मुझे संगीत के जैसे मधुर लग रहे थे जिसकी वजह से मैं और भी होर्नी हो चुकी थी. उसने मेरी पेंटी को निकाल के अपनी पेंट में खोस लिया. और फिर से मुझे किस करने लगा. और इस वक्त मैं उसके पुरे कंट्रोल में थी. उसके लिप्स मेरे लिप्स के ऊपर लोक हो चुके थे. और उसका एक हाथ मेरी चुचियों को मसल रहा था और एक हाथ मेरी चूत के सागर में गोते लगा रहा था. उसका पूरा बदन मेरे ऊपर था. और आज एक ऐसी रात थी मेरे लिए जिसे मैं लाइफटाइम याद रखने वाली थी.

मैंने विनीत के कान में कहा, चलो ना घर चल के बेडरूम में आराम से करते हैं. उसने कहा ठीक हे लेकिन पहले तुम मेरे लंड को चूस के उसका पानी निकाल दो. मैं अग्री हुई. वो अपनी सिट में जा बैठा. और मैं कपडे पहन के उसके पास गई. उसका लंड लोहे के जैसा सख्त और गरम था. मैंने निचे हो के लंड को मुहं में भर लिया. वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह यह्ह्ह्ह सोना, अह्ह्ह्ह अय्य्यय्य्य आआअह्हह्हह्ह, जोर से मेरी जान मजा आ गया, अह्ह्ह्हह कम ओन लिक माय बॉल्स , बेबी!

उसकी सिसकारियाँ मुझे लंड को और सेक्सी ढंग से चूसने के लिए उकसा रही थी. मैंने लंड को बॉल्स को और उसकी जांघ के एक हिस्से को भी चाट लिया. उसके लान का गरम गरम पानी मेरे गले में भर के मैं खड़ी हुई. उसने मुझे फिर से किस किया और बोला, यु आर सच अ स्लटी बिच!

मैंने कहा अब चलो घर ले चलो यहाँ किसी ने हमें देख लिया तो प्रॉब्लम हो जायेगी.

वो बोला, चलते हे लेकिन एक बार अपनी चूत दिखाओ मुझे.

मैंने जानती थी की विनीत चूत देखे बिना मानेगा नहीं. तो मैंने उसे अपनी चूत दिखाई. और फिर वो घर की तरफ कार चलाने लगा. हमारे घर के बहार सिक्यूरिटी गार्ड सोया हुआ था जैसे की ऑलमोस्ट हरेक गार्ड करता हैं. उसकी मेमसाब लंड लेने वाली थी और वो नींद में था. मैं उसे जगाए बिना ही विनीत को अपने घर में ले गई.

घर में घुसते ही विनिंत ने मुझे कंधो के ऊपर उठा लिया. मेरे बूब्स उसके कंधो के उअप्र थे. और मेरे निपल्स एकदम अकड़े से हुए थे. हलकी बूंदा बांदी नहीं पूरी बरसात हुई थी बहार और उसकी कुछ बुँदे मेरी चूत को भी छू गई थी. मैं एकदम चुदासी फिल कर रही थी. वो मुझे बाथरूम में ले के गया और जाकूज़ी को ओं कर दिया.

उसने मुझे टब में फेंका और फिर वो मेरे सामने अपने पेंट और शर्ट को खोलने लगा. मैं उसकी सिक्स पेक बॉडी को देख के बड़ी खुश हो गई और मैं उसे छू लेना चाहती थी. विनीत ने अब अपनी अंडरवियर को भी उतार दिया और अपने लंड को फडफड़ा के बोला, आज मेरी सोना को मैं इसका असली मजा दूंगा. मुझे पता हैं तेरा पति नहीं चोदता हैं सही ढंग से तुझे. काफी दिनों से मैं देख रहा था की तू सेक्स की भूखी ही थी. उसका लंड मेरी चूत को खाने के लिए बेताब सा था. उसने मेरी पेंटी निकाली और उसे सूंघ के फिर अपने लंड के ऊपर पहना दी.

और फिर पेंटी वाला लंड ले के वो मेरे मुहं के पास आया. मैंने पेंटी को पीछे कर के उसके लंड को मुहं में ले लिया. मैं उसके लंड को मस्ती से चूसने लगी. और वो अह्ह्ह अह्ह्ह याह यस्सस की सिसकारियाँ छोड़ने लगा. मैं उसके लोडे को चाट रही थी तब वो मेरे बालो से और निपल्स से खेल रहा था.

और फिर उसकी छुट हो गई. अब की भी उसने मुझे अपनी सब मुठ खिला दी. और मुझे भी उसके वीर्य को गले के निचे उतारना अच्छा लग रहा था. और फिर वो भी टब में घुस गया और मेरी कमर उसकी चेस्ट के सामने थी. उसने पीछे से हाथ आगे कर के मेरे बूब्स को पकडे. दोनों बूब्स के ऊपर उसकी चार चार उंगलियाँ थी और वो बूब्स को एकदम बेरहमी से दबा रहा था. फिर उसने एक हाथ को बूब्स पर रखा और दुसरे को निचे चूत पर ले गया. बूब्स के साथ साथ अब वो पानी में भीगी हुई मेरी चूत को हिला रहा था और उसकी पंखड़ियों को प्यार से सहला रहा था. मेरी चूत का रस टब के पानी में मिल रहा था.

अब विनिंत ने मेरी चूत में एक ऊँगली डाली. दुसरे हाथ से बूब्स मसलते हुए वो मेरे कंधे को और कान को छोटे छोटे लेकिन गरम किस देने लगा. मेरी हालत एकदम खराब हो चुकी थी. मेरी सभी सेक्स सेन्स जैसे जाग उठी थी. इतनी होर्नी तो मैं अपनी पूरी लाइफ में पहले कभी भी नहीं हुई थी.

मेरी भी छुट हो गई थी और वो टब में ही जा मिली थी. मैंने विनीत को कहा, कम ओन अब मेरे से रहा नहीं जा रहा हैं प्लीज़ अपना लंड मुझे दे दो. वो मुझे टब में से उठा के वापस बेडरूम में ले गया. वहां उसने मुझे बेड में डाला. और वो बोला, अब मेरा वाइल्ड सेक्स देखो तुम जान! मैं भी कुछ ऐसा ही सेक्स करना चाहती थी. वो बेड में आ गया और मेरे पुरे बदन को अपने गरम गरम होंठो से ऐसे चाटने और चूसने लगा की मैं कराह उठी. और फिर वो मेरे निपल्स को उँगलियों से घुमाने लगा. उसके अंदर की सेंसेशन मुझे मार रही थी.

फिर से विनीत ने मेरे बूब्स चुसे. और अब की उन्हें चूस चूस के पुरे लाल कर दिए. मैं अब उसका लंड अपनी चूत में डलवा लेने के लिए पागल सी हो रही थी. और शायद वो चाहता था की मैं उसके सामने भीख मांगू की चोदो मुझे!

अब विनीत ने मुझे पलटा दिया और मेरी गांड को पकड़ ली. फिर एक हाथ से उसने मेरे मुहं को बंद कर दिया. और दुसरे से मेरी गांड के होल को जितना खोल सकता था उतना खोल दिया. और फिर अपनी जीभ को उसने मेरी एसहोल में डाल दी. मैं कराह उठी और उत्तेजना की वजह से मैंने उसके हाथ को दांतों से काट भी लिया. वो एस लिकिंग का मजा दे रहा था मुझे. मैं सच में ऐसी हो गई थी की गधे का, घोड़े का, कुत्ते का लंड भी ले लेती उस वक्त. विनीत ने मुझे उतना उत्तेजित कर दिया था की जैसे बदन की गर्मी की वजह से बाफ निकल रही थी!

फिर उसने मेरे मुहं को छोड़ा. मेरी चूत के पास अपने लौड़े को लगाया. और बोला, डार्लिंग, अब डालूं अन्दर?

मैंने कहा, प्लीज अब जल्दी से डाल दो उसको वरना मैं मर ही जाउंगी!

विनीत ने अपने लंड के ऊपर थूंक लगाया और फिर उसे मेरी योनिमार्ग का दरवाजा दिखा दिया. मेरी चूत इतनी गीली थी की लंड पूरा के पूरा एक ही झटके में जैसे फिसल सा गया. मैंने आह्ह्हह्ह कर दी और विनीत ने वापस मेरे कंधे को किस किया. अब वो अपने लौड़े को मेरी चूत में अन्दर बहार कर रहा था और साथ में उसने मेरी गांड में भी एक ऊँगली डाल दी थी. मैं उत्तेजना के ऐसे शिखर पर थी की सब रिश्ते नाते भूल के मई विनीत की रांड बनी हुई थी.

विनीत मुझे कस कस के चोद रहा था. और वो मुझे कह रहा था, वाऊ क्या चूत हैं तेरी मेरी सोना जान. तेरा पति सच में पागल हे जो इस असली सुख को छोड़ के भौतिक सुख के लिए कमा रहा हैं. मैं तेरा पति होता तो तेरी चुदाई ही करता रहता दिन भर बस!

मैंने कहा, विनीत आज से तुम ही मेरे पति हो मेरी जान, मुझे सेक्स का असली सुख ही तुमने दिया हैं.

वो खुश हुआ और मुझे और भी प्यार से चोदता रहा. उसके बदन में एक अजीब सी खुसबू थी और मैं मदहोश हो के उसके लंड को लेती रही. पुरे 20 मिनिट उसने मुझे चोदा. और फिर उसने एनाल के लिए मांग की. मैंने कहा मैंने कभी नहीं किया हैं. वो बोला, ट्रस्ट करो तुम लाइक करोगी.

वो बाथरूम से शेम्पू ले आया. और मेरी एसहोल के ऊपर घिस के उसने झाग बना दिया. अपने लंड के ऊपर भी शेम्पू लगा के झाग किया. फिर उसने मेरे दोनों एस चिक्स को खोले और बोला पकड़ो इन्हें. मैंने दोनों फांको को खोल के पकड़ी. विनीत ने अब लंड को एसहोल में घुसाया. चिकनाहट कि वजह से लंड गांड के होल में घुस गया. लेकिन मुझे बहुत पेन हुआ.

वो ऐसे ही रुका रहा कुछ देर तक बिना हिले. जब मैं थोड़ी शांत हुई तो उसने फिर झटके देने चालू कर दिए. मुझे सच में एनाल में भी मजा आने लगा था.

सुबह तक विनीत ने मेरी चूत और गांड की ऐसी धज्जियां उड़ाई थी की बस क्या कहूँ. हम दोनों सुबह तक एक दुसरे से नंगे चिपक के लेटे रहे. सुबह जब मेरी कामवाली नैना ने दरवाजा नोक किया तो मैंने हडबडा के अपनी पेंटी और नाईट गाउन पहन ली. दरवाजा खोला तो वो नाश्ते की ट्रे हाथ में ले के खडी थी. मैंने ट्रे हाथ में ले के उसे कहा एक आदमी का नाश्ता और लगाओ. नैना ने कमरे में चोर नजर से झाँका तो उसने विनीत को बेड पर न्यूड देखा. वो बिना कुछ कहे निचे नाश्ता बनाने के लिए चली गई! विनीत के लंड को पकड के मैंने उठाया उसे.

वो तो तब भी चोदना चाहता था. लेकिन मैना कहा अभी नहीं मेरी जान, अभी तुम घर जाओ फ्रेश हो के.

और उस दिन के बाद मैं सच में विनीत की वाइफ बन के रह गई हूँ. जब भी पति टूर पर होते हैं तो वो मेरे घर में ही रुकता हैं. मेरे घर के सब नोकर नोकरानियों को भी पता हैं हमारे इस सबंध के बारे में!