पड़ोस वाली गरम भाभी

इंडियन औरत की एक विशेषता होती है, जब वो ३० की उम्र को पार कर जाती है तो उसकी जवानी ढलने की बजाय और भी रंगीन होने लग जाती है. उसके बदन की महक आसपास के लोगो के अंदर के हवस वाले जानवर को जगा देती है और उसके चुचे के उभार और गांड की गोलाई और भीकामुक हो जाती है. जब मै २० का हुआ, तो मुझे भी एक ऐसी ही गरम इंडियन औरत से मिलने का मौका मिला और मेरी किस्मत अच्छी थी, कि वो इंडियन औरत एक बार मेरे बिस्तर पर आ गयी और मुझे उसके बदन की महक सूंघने का और उसके

बदन और उसके कामुक अंगो का रसपान करनेका मौका मिला. बात उन दिनों की है, जब मै सिविल सर्विसेज की पढ़ाई कर रहा था और मेरा कमरा छत पर था, बिलकुल अलग; ताकि, मुझे कोई परेशान ना कर सके और मै अपनी पढ़ाई ढंग से कर सकु. पढ़ाई तो मै पुरे मन से ही करता था, लेकिन जब भी थक जाता; तो कामुक मैगज़ीन देखताथा या मस्तराम जैसी सेक्सी कामुक किताबे पड़ता था और जब भी मै ऐसी किताबे पढ़ता, तो नंगा हो जाता और मस्ती में मुठ मारता. कोई मेरे कमरे तरफ आता जाता नहीं था, तो मुझे किसी का डर नहीं था. लेकिन, मुझे नहीं पता था कि मेरे पड़ोस वाली भाभी मुझे ये सब करते हुए देखती थी.उसके पति मेरे से कुछ साल बड़े थे और फ़ौज़ में थे. उनके पति, मेरी पढ़ाई में मद्दत करते थे, तो मै भाभी से काफी खुला हुआ था. भैया की पोस्टिंग अक्सर बाहर ही रहती थी, तो भाभी घर में अकेले ही होती थी. सास-ससुर थे, लेकिन उनके कमरे नीचे और भाभी का कमरा ऊपर वाले फ्लोर पर था.एक रात हलकी सी बारिश हो रही थी और मेरा पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था, तो मै छत पर आ गया; तो चाँद की रौशनी में देखा, भाभी स्लीवलेस टॉप और शॉर्ट्स में बाहर घूम रही थी. गज़ब की सुन्दर इंडियन औरत लग रही थी.

मै उनके पास चले गया और मुस्कुराते हुए बोला, आप इतनी रात को छत पर. उन्होंने कहा, मै रोज़ रात को छत पर होती हु. लेकिन, आज तुम काम नहीं कर रहे हो, जो अक्सर इस वक़्त किया करते हो और खिलखिलाकर हंस पड़ी. मुझे कुछ समझ नहीं आया और मै उनके चेहरे को सवालियानज़रो से देखने लगा. उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे रूम में आ गयी और इधर-उधर देखने लगी और उनके हाथ एक नंगी तस्वीरो वाली किताब लग गयी. वो स्टाइल में खड़ी होकर किताब से पंखा करने लगी. मैने झट से वो किताब खीच ली और दूर कमरे में फेंक दी. इंडियन औरत बोली,शर्माओ मत मुझे सब पता है पिछले कई दिनों से मै असली ब्लूफिल्म का मज़ा ले रही हु; लेकिन, आज कुछ एक्शन का मन है. फिर इंडियन औरत ने मुझे पूछा, कभी कुछ किया भी है तो मैने ना मे सिर हिला दिया. फिर, उसने कहा ब्लूफिल्म देखी है. मैने हाँ में सिर हिला दिया. वो खुश होकर बोली,फिर तो हो गया काम और कहकर कमरे से चली गयी. कुछ देर बाद वो वापस आई तो, उसकी आँखे नशीली हो चुकी थी और उसके मुँह से दारु की बू आ रही

थी. उसके कपड़े सब अस्तव्यस्त थे. वो मेरे पास आई और मेरे गले में झूल गयी. उसने अपने बाहे मेरे गले में डाल दी और मेरे गालो को चूमते हुए बोली, “यू आर ए स्वीट बॉय”

इंडियन औरत मुझे मस्ती में चूमे जा रही थी और समझ नहीं आ रहा था, कि उसे कैसे संभालू? उसने मुझे बिस्तर पर खीच लिया और अपनी छाती से चिपटा लिया और बोली हमारी तेरा बाप तो मुझे घूर-घूर कर देखता है और तेरा लंड ही खड़ा नहीं हो रहा.उसने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और मेरेऊपर आ गयी और मेरे होठो को अपने होठो के बीच में दबा लिया. बहुत गरम होठ थे उसके और उसके साँसे ऐसे चल रही थी, जैसे कि रेलगाड़ी. उसने मेरे कपड़े उतार दिए और मेरी छाती को अपनी जीभ से चाटने लगी. मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चूका था और बहुत ज्यादा गीला भी. उससे रसटपकने लगा था. इंडियन औरत भाभी ने अपने सारे कपड़े उतारे और अपने घुटनो पर बैठकर मेरे लंड से खेलने लगी. वो अपनी गुलाबी जीभ से मेरे लंड से निकले रस को चाट रही थी. मै लेता ही रहा और मुझे लग रहा था, कि मेरी टांगो में जान ही नहीं बची. वो

अपने हाथो से मेरे लंड को मसल रही थी और अपने मुँह से किसी लोलीपोप की तरह चूस रही थी. मेरे से कामुक आवाज़ मेरे कमरे में घुंज रही थी अहहहहा. ….ओओओओओ मर गया भाभी, और नहीं. मर गया बस करो.…नहीं और अपनी टाँगे चलाकर अपने लंड को उसके काबू से छुड़ाने कीकोशिश करने लगा.

इंडियन औरत खेली-खिलाई इंडियन औरत थी और उसने मुझे इस तरह से पकड़ा था, कि मै उसके चुंगल से निकल ही नहीं पा रहा था. जब उसका मेरे लंड चूसकर मन भर गया, तो वो ऊपर आई और मुझे नीचे खीच लिया। अब मै कमर तक बिस्तर पर लेता था और मेरी टाँगे हवा में झूल रही थी.भाभी ने अपनी दोनों टाँगे मेरी टांगो के आरपार रखी और अपने हाथो से मेरे लंड को सीधा खड़ा किया और अपनी चूत को लंड पर रख दिया. एक हाथ से उसने मेरे लंड को पकडे रखा और दूसरे हाथ से मेरे कंधे को और फिर एकदम मेरे लंड पर बैठ गयी. मेरे मुँह से चीख निकल गयीगयी आआआआआ. …… साली हरामजादी, वो बिना कुछ सुने मेरे लंड पर कूद रही थी और उसके हर धक्के के साथ मेरे मुँह से आहाहा, मर गया, मार डाला जैसे आवाज़ निकल रही थी. उसने मेरे कंधे कसकर पकड़ा हुआ था और मेरे लिए हिलना-डुलना बड़ा मुश्किल था. कुछ देर बाद, मेरा दर्दकम हो गया और मुझे मज़ा आने लगा और मेरी गांड भी ऊपर उछलने लगी. अब वो उछलने लगी और तेज और धम्मं से नीचे गिर गयी. मै भी बस झड़ने वाला था. जैसे ही उसने अपनी चूत को मेरे लंड से बाहर निकाला, मैने अपने हाथो से मुठ मारकर सारी धार उसकी चूत पर गिराकर उसकोपूरा भिगो दिया. आज से पहले कभी इतना नहीं निकला था. मै उठा और उसके होठो को चूमा और कपडे पहन लिए. वो कुछ देर ऐसे ही नंगी पड़ी रही और फिर कपडे पहनकर अपने घर चली गयी. जब तक मै बाहर पढ़ने नहीं गया, तब तक इंडियन औरत ने मुझे मस्त चोदा और वास्तव में उसी नेमुझे लड़के से आदमी बनाया.

(198)

Leave a Reply