आंटी ने भाभी को चुदवाया

हेलो फ्रेंड, मैं आपका प्यारा दोस्त राजवीर हु. और हाज़िर हु, फिर से आपके सामने अपनी एक लेटेस्ट स्टोरी के साथ. मैं एक सीधा-साधा सा पंजाबी लड़का हु. पर लम्बा- चौड़ा होने से और वेल बिल्ट एत्लेटिक बॉडी के साथ मेरी ओवर आल पर्सनालिटी अट्रेक्टिव लगती है. मैं एक स्पोर्ट्समेन रह चूका हु और कुश्ती और जुडो में, मुंबई स्टेट और नेशनल लेवल में रिप्रेजेंट हो चूका हु. ये ३ साल पहले की बात है, जब मैं कॉलेज में था और एक फॅमिली के साथ पेइंग गेस्ट में रह रहा था. अंकल दुबई में काम करते थे और आंटी और उनके बेटा- बेटीही घर पर रहते थे. आंटी का नाम रेनू था और वो एक मिडिलएजेड हाउसवाइफ थी और ज्यादा वक्त अकेले ही रहा करती थी.
उनके लड़का और लड़की दोनों हॉस्टल में रहते थे और वीकेंड पर ही घर आते थे. वीक में वो ४-५ दिन अकेली होती थी. आंटी की कम उम्र में ही शादी हो गयी थी, मैं जल्दी ही उनके साथ काफी घुल मिल गया और बहुत जल्दी ही हम ड्रिंक्स भी शेयर करने लगे थे. धीरे- धीरे हम बिस्तर तक भी पहुच गये.

मैं हर रात उनको चोदता था और जिस दिन मेरी छुट्टी होती थी या सपोर्ट प्रक्टिस नहीं होती थी, तो हम दोनों दिन में भी चुदाई किया करते थे. मैं उनको घर के हर कोने में चोदा था. किचन, बाथरूम, उनके बेडरूम, ड्राइंगरूम हर जगह. फिर एक दौर ऐसा आया, कि मुझे मुंबई की एक बहुत बड़ी सपोर्ट एसोसिएशन कंपनी में एडमिशन लेना था. पैसों की बहुत जरूरत थी. मैं थोड़ा सा निराश रहने लगा. मैंने स्पोर्ट्स के लिए कभी घर से पैसे नहीं लिए थे और माँगना भी नहीं चाहता था. मैं जब आंटी की तरफ भी इतना ध्यान नहीं देने लगा, तो आंटी ने मुझसे पूछा, कि क्या प्रॉब्लम है? मैंने उन्हें सब बता दिया. तो आंटी ने कहा, कि उनके हाथ में भी पैसे नहीं होते है. इसलिए वो भी नहीं दे पाएंगी. तो मैंने उनको कहा – नहीं आंटी, मैं आपसे पैसे नहीं मांग रहा हु. बस कुछ रास्ता नहीं सूझ रहा है. तभी २ दिन बाद, वो किसी की शादी से लौटी थी और उन्होंने मुझे नीचे बुलाया और कहा – राजवीर, मेरे पास एक रास्ता है.

वो बोली – देख राजवीर, तेरे लंड का साइज़ बहुत बड़ा है और तेरा एस्टेमीना तो जबरदस्त है ही. मेरी कुछ रिच फ्रेंड है, जो सेक्स की भूखी है और मज़ा चाहती है. अगर तू उनको संतुष्ट कर दे, तो पैसे कम सकता है. कुछ और रास्ता ना होने के कारण, मैं मान गया. उन्होंने कहा – ठीक है. कल ही तुझे जाना है काम पर. पूरी रात मुझे नीद नहीं आई, मैं डरा हुआ था. अगली सुबह ९ बजे आंटी रूम पे आई और मुझे जगा दिया. वो बोली – उठ, मेरी फ्रेंड तेरा इंतज़ार कर रही है. मैं शौक हो गया. आंटी ने बोला, कि उसका घर खाली नहीं था, इसलिए वो यहीं आ गयी, हमारे घर. जल्दी से फ्रेश होकर नीचे आ जा. मैं नीचे गया और देखा, कि वाइट पंजाबी सूट में एक खुबसुरत औरत आंटी के साथ कॉफ़ी पी रही थी. उसने मुझे तिरछी नजरो से आते हुए देखा और कॉफ़ी पीने लगी. आंटी ने मुझे बुलाया और कहा – यहीं बैठ जाओ. उन्होंने अपनी फ्रेंड के साथ मेरा इंट्रो करवाया.

उनकी फ्रेंड का नाम नीलम था और उम्र शायद ३५-३६ की होगी. उसका फिगर ३४-२८-३० का होगा. बातो-बातो में पता चला, कि वो भी पंजाबी है और मैं उनसे पंजाबी में बातें करने लगा. वो थोड़ी शौक हो गयी और नीलम ने आंटी को बोला – ये तो बड़ा ही सीधा-साधा और भोला लग रहा है. आंटी ने बोला – एक बार तू इसे ट्राई तो कर, बार मिलने का मन करेगा तेरा. आंटी ने नीलम को कहा – मेरा बेडरूम खाली है. तुम लोग वहां चले जाओ. नीलम बेडरूम के तरफ जाने लगी और पीछे- पीछे मैं भी जाने लगा. अन्दर जाकर उसने उसने अपना पर्स और दुपट्टा साइड में रखा और बेड पर जाकर टेड़ा लेट गयी. मैं खड़ा रहा और काफी डरा हुआ और सहमा हुआ था. नीलम बोली – आ जाओ, भोलूराम. मैं उसके पास जाकर बैठ गया. उसने कहा – हाँ, तो कैसे करेंगे? मैंने कहा – जैसे आप करवाना चाहोगी. जैसे भी आप ठुक्वायोगी. वो हंसने लगी और बोली – अच्छा, फिर देख लेते है. मैंने अब थोड़ा हौसला दिखाया और अपनी टीशर्ट उतार दी और उसकी तरफ बढ़ा.

उसने अपना कमीज़ उतार दिया और लेट गयी. मैं उसके ऊपर आ गया और धीरे-धीरे उसके नैक पर किस करने लगा. नैक के साथ-साथ मैं उसके कान और गाल पर किस करने लगा और उसके गाल और कान को लिक कर रहा था. मैंने उसकी चुचियो के ऊपर अपना हाथ रख दिया और हलके से दबाने लगा. अब उसने थोडा रेस्पोंस देना शुरू किया. मेरा हौसला बड़ा और मैंने उसकी बूब्स पर भी किस किया. उसने अपनी ब्रा उतार दी. उसके गोरे- गोरे बूब्स मेरे सामने पड़े थे. मन कर रहा था, कि उनको काटकर खा जाऊ. ऐसा लग रहा था, कि किसी ने २ कश्मीरी सेब मेरे सामने रख दिए हो. बिलकुल गोरे और हलके- हलके लाल. मैं तो जैसे उनके ऊपर टूट ही पड़ा था. मैं पागलो की तरह उसके चुचियो को चूसने लगा. नरम- नरम, पफ्फी से उसके बूब्स मेरे मुह में घुलते ही जा रहे थे. मैं उसके दोनों निप्पल को चूस रहा था. तभी उसने अपनी सलवार भी लूज कर दी. मैं उसकी नाभि पर किस करता करता नीचे की तरफ बढ़ा.

मैंने उसकी सलवार उतार दी और हैरानी की बात थी, कि उसने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था. बिलकुल कोरी और सफ़ेद पड़ी थी. उसकी चूत भी सेब की तरह लाल थी. मैं बिलकुल भी वक्त जाया नहीं कर रहा था और उसकी चूत को अपने मुह के भीतर भर लिया. उसकी तेज साँसों की जगह अब लम्बी-लम्बी सिसकियो ने ले ली थी. ऊऊऊ ऊऊउ उहुहुहुहुहू …ह्ह्हह्ह्ह्ह .. हूऊऊ अहहहाहः!!! अममममम .म्मम्मम्म !!! इधर मैंने अपना काम जारी रखा और उसके दाने को अपनी जुबान से रगड़ रहा था. इस तरह करने से उसकी तड़प बड़ने लगी थी. वो मदहोश होक अपनी गांड को ऊपर उठा रही थी. १५ मिनट उसके दाने को मसलने पर, उसने अपना पानी छोड़ दिया. मैंने उसकी चूत को टीशू से साफ़ किया. वो भारी- भारी साँसे ले रही थी. अब मेरे लंड पर मेरा कण्ट्रोल नहीं था, मैंने अपनी लोअर उतार दी. मेरे तन्ने हुए लंड को उसने अपने हाथो में ले लिया और हलके-हलके से हिलाने लगी. तभी वो उठी और मेरे ऊपर आ गयी.

वो मुझे किस करने लगी और उसने मेरे लंड को सहलाना जारी रखा. मेरा लंड तन्न के ८ इंच लम्बा और ३ इंच तक मोटा हो चूका था. फाइनली उसने मेरे लंड को मुह में डाल लिया और किसी लोलीपोप की तरह चूसने लगी. उसके मुह की गरमाइश से मेरा लंड और भी ज्यादा अकड़ रहा था. ५ मिनट तक मेरा लंड चूसने के बाद, उसने बोला कि अब आ जाओ राजवीर. वो बेड पर लेट गयी और दोनों टांगो को ऊपर उठा दिया. मैंने अपने लंड की उसकी चूत पर रखा और उसे रगड़ने लगा. नीलम बेसब्र हुए जा रही थी और ऊऊऊ ऊऊऊ की आवाज़ निकाल रही थी. मैंने अब और देर ना करते हुए, उसे और नहीं तड़पाया और धीरे से लंड उसकी चूत में डालना शुरू किया. सच पुछो तो उसकी चूत इतनी टाइट नहीं थी, मुझे ज्यादा कोशिश नहीं करनी पड़ी और आसानी से लंड उसकी चूत में समां गया. उसने अहहहः हहहः !!! की. लम्बी सी आवाज़ निकाली और आँखे बंद करके मेरे लंड का मज़ा लेने लगी. मैं उसे तेज- तेज झटके लगाने लगा.

वो भी अहहहः हहहहः अहहह्ह्ह्ह ऊऊऊ उफुफुफ्फुफुफु से मज़े लेने लगी और मेरे स्ट्रोक के साथ उसके बूब्स भी जोर- जोर से हिल रहे थे. मैंने उसके दोनों बूब्स पकडे और दबाते-दबाते बीच में उन्हें चूसने भी लगता. कुछ देर बाद, जब उसकी आवाज़ तेज हो गयी. तो मैं रुका और लंड बाहर निकाल लिया. वो डोग्गी पोजीशन में आ गयी. मैंने उसे पीछे से पकड़ा और एक ही झटके में अपने पुरे लंड को उसकी चूत में भर दिया. उसने ऊऔऊक्क्क्छ !! आवाज़ की और कहा – आराम से डालो. मुझे आदत नहीं है जोर से लेने की. मेरे पति बहुत ही ढीले है. मैं आराम- आराम से आगे पीछे करने लगा. फिर वो बोली – तेज तेज करो राजवीर. अहहहः !!! अहहहहहः अहहहहः बहुत मज़ा आ रहा है … ऊऊउम .. म्मम्मम मर गयीईईईइ .. ओहोहोहोहो हहहहहः आआऐईईई बस ऐसे ही चोदते रहो… अहहाह. बड़ी मुश्किल से एक पंजाबी लंड मिला है. मेरे सुस्त पारसी हसबंड है और कभी किसी ने मेरी इस तरह से नहीं मारी है. अहहहः हहहः ..म्मम्मम्मम मज़ा आ रहा है.

उसने फिर से अपने आप को आगे करके मेरे लंड को निकाल दिया. पता चला कि वो झड़ चुकी थी. वो २ बार झड़ चुकी थी. आंटी ने मुझे इस सेक्स से पहले गरम- गरम दूध पिलाया था. इसलिए मैं अभी भी ठीकठाक हुआ था और झड़ा नहीं था. फिर वो उलटी ही लेट गयी. मैंने उसकी टाँगे हलकी सी फैलायी और ऐसे उसके ऊपर आया और लंड गुसा दिया. उसने फिर से ऊऊऊऊओ !!! की आवाज़ निकाली और मेरे लंड की सिविकारा. मैंने स्ट्रोक तेज कर दिए थे और उसको जोर- जोर से ठोकने लगा. वो पिल्लो में अपना मुह दबाये हुए पड़ी थी और अपनी आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही थी. इतने में आंटी रूम में आ गयी और नीलम के सिर के पास बैठ गयी. मैंने अपना काम ज़ारी रखा और झटके मारता रहा. आंटी नीलम का सिर सहलाने लगी. नीलम आंटी बोलने लगी, कि मैं तो इसे सीधा- साधा भोलूराम समझ रही थी, लेकिन ये तो बहुत ही बड़ा खिलाडी निकला. ये तो मेरी आज जमकर मार रहा है. मेरी चूत इसने मसल कर रख दी है. ऊओहोहोहोह ..हेयेयेयीय्ये भगवान ये पहले क्यों नहीं मिला… अहहहः अहहहः … अहहाह .. मेरे मुह से निकल रहा था … नीलम भाभी ..अहहहः

मैं बस झड़ने ही वाला था. आंटी मेरी तरफ देख रही थी, तो मैंने इशारे से पूछा, कि कहाँ निकालू, अपना माल? तो आंटी ने कहा – इसकी चूत में ही छोड़ दे. मैं भी झड़ गया और अपने पानी से उसकी चूत भर डाली. नीलम और मैं दोनों पसीने- पसीने हो चुके थे. नीलम उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ्फ़ करके जोर- जोर से हाफ रही थी और उसकी टाँगे भी हलकी- हलकी काँप रही थी. तभी आंटी ने उसे शांत किया और हम दोनों को पानी लाकर दिया. शाम को फिर से एक ट्रिप लागने के बाद, नीलम चली गयी और जाते- जाते १५००० रुपया आंटी के पास दे गयी. नीलम के बाद, आंटी की और भी सहेलियों की मैंने जी भर कर मारी. उनकी कहानी कभी बाद में आपके साथ शेयर करूँगा.

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